-यमुना अथॉरिटी से बड़े भूखंडों की मांग, क्षेत्र में हायर एजुकेशन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। यहाँ पर पांच नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की तैयारी चल रही है। इन विश्वविद्यालयों के लिए प्रबंधन ने यमुना अथॉरिटी से 50 से 250 एकड़ तक जमीन की मांग की है। नई यूनिवर्सिटीज के खुलने से न केवल युवाओं को उच्च शिक्षा के नए विकल्प मिलेंगे, बल्कि इस क्षेत्र में रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे। ग्रेटर नोएडा के यमुना सिटी क्षेत्र में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है, खासकर जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट के चलते। इस वजह से यीडा क्षेत्र अब निवेशकों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए हॉट स्पॉट बन गया है। इस बार पांच शैक्षणिक समूहों ने इस क्षेत्र में विश्वविद्यालय खोलने की इच्छा जताई है। इनमें एमडीआई गुरुग्राम, सविता एजुकेशनल ग्रुप, शारदा ग्रुप, मलेशिया की लिंकन यूनिवर्सिटी और एक अमेरिकी एजुकेशनल ग्रुप शामिल हैं।
यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों से इन समूहों ने संपर्क किया है और सेक्टर-22 ई में संस्थागत प्लाटों में से जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि इस सेक्टर में जमीन काफी कम बची है। इसलिए अथॉरिटी अब सेक्टर-13 को भी संस्थागत श्रेणी में विकसित करेगी ताकि नए विश्वविद्यालयों के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराई जा सके।
इस क्षेत्र में वर्तमान में दो विश्वविद्यालय और एक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। वर्तमान में कार्यरत संस्थानों में गलगोटिया विश्वविद्यालय और नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी शामिल हैं। इसके अलावा यमुना अथॉरिटी ने यहाँ पर नरसी मोंजी और जेबीएम जैसे शैक्षणिक संस्थानों को भी जमीन आवंटित की है, जिनका निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। इस क्षेत्र में कई पब्लिक स्कूलों के लिए भी प्लाट आवंटित किए जा चुके हैं। इस प्रकार के निवेश और विश्वविद्यालयों का विस्तार युवाओं के लिए शिक्षा के नए विकल्प उपलब्ध कराएगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार, आवासीय और वाणिज्यिक विकास को भी गति देगा। नई यूनिवर्सिटीज की स्थापना से छात्रों को मल्टीनेशनल और ग्लोबल शिक्षा तक पहुंच मिलेगी, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
विश्वविद्यालयों के आने से शहर का रियल एस्टेट और औद्योगिक निवेश भी बढ़ेगा। विश्वविद्यालयों के आसपास होटलों, होस्टलों, कैफे और स्टार्टअप्स के लिए अवसर बनेंगे। साथ ही, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं और सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि नए विश्वविद्यालयों के लिए भूमि आवंटन का पूरा प्रोसेस पारदर्शी और नियमानुसार होगा। अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विश्वविद्यालयों की स्थापना से आसपास के पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। इस तरह यमुना सिटी हायर एजुकेशन हब के रूप में उभरने जा रही है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र छात्रों, शिक्षकों और निवेशकों के लिए शिक्षा और रोजगार का प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी का सामाजिक और आर्थिक विकास भी सुनिश्चित होगा।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ)
यमुना प्राधिकरण
यमुना सिटी में कई एजुकेशनल ग्रुप ने जमीन की मांग की है। वह यहां पर अपना कैंपस खोलना चाहते हैं। इसके लिए जमीन का इंतजाम किया जाएगा। जमीन खरीदने के बाद योजना निकाल कर आवंटन किया जाएगा।
आरके सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
















