नववर्ष 2026 में बदलेगी गाजियाबाद की तस्वीर, हरनंदीपुरम समेत कई मेगा योजनाएं होंगी लॉन्च

-राजनगर एक्सटेंशन के पास 115 हेक्टेयर में नई टाउनशिप, जीडीए की आय 1582 करोड़ पहुंची; नंदग्राम, मधुबन-बापूधाम और इंदिरापुरम में भी बड़े विकास कार्य

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। यदि सब कुछ योजनानुसार रहा तो नववर्ष 2026 गाजियाबाद के शहरी विकास के लिहाज से ऐतिहासिक साबित होगा। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं आने वाले महीनों में आकार लेने जा रही हैं, जिससे शहर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की उम्मीद है। इनमें सबसे अहम राजनगर एक्सटेंशन के समीप प्रस्तावित नई टाउनशिप हरनंदीपुरम योजना है, जिसे पहले चरण में अगले तीन महीनों के भीतर लॉन्च करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बुधवार को जीडीए सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवागत सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि हरनंदीपुरम टाउनशिप को पहले चरण में 115 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को दो चरणों में कुल 521 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसाया जाएगा, जिसमें आठ गांवों की भूमि शामिल होगी। पहले चरण में पांच गांवों की लगभग 350 हेक्टेयर भूमि पर टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसके लिए जीडीए किसानों से करीब 336 हेक्टेयर जमीन खरीदेगा, जबकि शेष भूमि प्राधिकरण के पास पहले से उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि अब तक किसानों से 55 हेक्टेयर भूमि का बैनामा हो चुका है और 115 हेक्टेयर भूमि की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है, जिसे अगले दो महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। योजना के विकास के लिए एक सलाहकार एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है, जो टोपोग्राफिकल और सैटेलाइट सर्वे कर ले-आउट तैयार करेगी। पहले फेज का ले-आउट तीन माह के भीतर तैयार कर योजना को लॉन्च किया जाएगा, जिससे लोग भूखंड खरीदकर अपने सपनों का आशियाना बना सकें। हरनंदीपुरम टाउनशिप को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ-साथ चौड़ी सड़कें, मजबूत ड्रेनेज सिस्टम, हरित क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पूरी टाउनशिप को विभिन्न पॉकेट में बांटकर विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुलभ हों।

शहर को स्वच्छ और धूल-मुक्त बनाने की दिशा में भी जीडीए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत से दो आधुनिक रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदी जाएंगी, जिससे प्रमुख सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण में मदद मिलेगी।
राजस्व के मोर्चे पर भी जीडीए की स्थिति मजबूत हुई है। अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक जीडीए को 1582 करोड़ रुपये की आय हुई है। हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 1653 करोड़ रुपये था, फिर भी चालू वित्तीय वर्ष में आय को लेकर प्राधिकरण संतोषजनक स्थिति में है। अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पहल पोर्टल की शुरुआत के बाद 3918 संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए आवेदन आए, जिनसे जीडीए को 472.66 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। मधुबन-बापूधाम योजना को लेकर भी बड़ी राहत की खबर सामने आई है।

जीडीए सचिव ने बताया कि इस योजना से जुड़ी सभी लंबित समस्याओं का समाधान कर लिया गया है और किसानों को उनके भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं। वर्ष 2026 में यहां 250 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे, ताकि आवंटी अपने मकान बनाकर रह सकें। साथ ही मधुबन-बापूधाम आरओबी का निर्माण कार्य मई तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा 155 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा बुनकर मार्ट सह एक्सपो मार्ट और कन्वेंशन सेंटर भी इसी वर्ष पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत जीडीए को लगभग 4000 करोड़ रुपये की संपत्तियों की बिक्री से आय होने की संभावना है। नंदग्राम क्षेत्र में भी जीडीए नई आवासीय योजना लेकर आ रहा है। यहां 77 आवासीय भूखंडों की योजना तैयार की जा रही है, जिनका आकार 60 वर्गमीटर से लेकर 210 वर्गमीटर तक होगा। इन भूखंडों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा और इसे नववर्ष की शुरुआत में लॉन्च किए जाने की संभावना है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत भी जीडीए के पांच बड़े प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं, जिनमें कुल 3496 फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं। इनमें मधुबन-बापूधाम, डासना, प्रताप विहार, नूरनगर और निवाड़ी शामिल हैं। जीडीए का दावा है कि वर्ष 2026 में सभी फ्लैटों पर आवंटियों को कब्जा दे दिया जाएगा। शहर के सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए दो प्रमुख पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं। कोयल एन्क्लेव में करीब 22.26 करोड़ रुपये की लागत से रामायण थीम पार्क बनाया जा रहा है, जिसमें आधुनिक तकनीक के साथ रामायण के प्रमुख पात्रों की मूर्तियां, लाइट एंड साउंड शो और अन्य आकर्षण होंगे। वहीं इंदिरापुरम में संस्कृति दर्शन पार्क और वैशाली में उत्सव भवन भी वर्ष 2026 में तैयार हो जाएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, एई रूद्रेश शुक्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने कहा कि नववर्ष 2026 में जीडीए का फोकस योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और शहर के सर्वांगीण विकास पर रहेगा। हरनंदीपुरम जैसी योजनाएं गाजियाबाद को एक नई पहचान देंगी और नागरिकों को बेहतर जीवनशैली उपलब्ध कराएंगी।