गाजियाबाद। साहिबाबाद थाना क्षेत्र स्थित अर्थला की संजय कॉलोनी निवासी एक युवक ने खुद को आग लगा ली। आग की चपेट में युवक को पास में मौजूद पीएसी और स्थानीय लोगों ने कंबल डालकर आग बुझाई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्र्ती कराया। जहां से दिल्ली सफदरजंग रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि युवक पुलिस की पिटाई से आहत था। जिस कारण उसने यह कदम उठाया। अर्थला की संजय कॉलोनी में ब्रह्मपाली दो बेटों सोनू और विकास के साथ रहती हैं। उनके पति राजेंद्र चौधरी एक साल से लापता हैं। सोनू टेंपो चलाकर परिवार का पालन पोषण करता है। महिला ने बताया कि शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे सोनू शराब के नशे में घर पहुंचा था। उन्होंने सोनू को शराब नहीं पीने को लेकर टोक दिया। सोनू पड़ोसी बब्लू के यहां जाकर सोने की बात करके घर से चला गया। पड़ोस में ही रहने वाले पहलवान के यहां पुलिस पहुंची थी। सोनू ने पड़ोसी महिला से पुलिस के आने की वजह पूछी। आरोप है कि तभी वहां पर खड़े एक पुलिसकर्मी ने सोनू की डंडे से पिटाई शुरू कर दी। पिटाई से हाथ और पैर में चोटें आईं। आरोप है कि शनिवार सुबह सोनू हिंडन पुलिस चौकी पर शिकायत लेकर पहुंचा। पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। सोनू की मां का आरोप है कि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे इलाज आदि कराने की बात कहकर घर भेज दिया। शाम के समय वह फिर से चौकी पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने भगा दिया। न्याय नहीं मिलने से आहत होकर शनिवार रात नौ बजे सोनू ने घर के पास मंदिर स्थित कमरे पर खुद पर डीजल छिड़क कर आग लगा ली। आग लगने के बाद वह कमरे से बाहर निकलकर पास के शेल्टर होम में पहुंच गया। एसएचओ साहिबाबाद विष्णु कौशिक ने बताया कि शराब के नशे में वह चौकी पर पहुंचा था। वह पहले से चोटिल था। उन्होंने पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई करने की बात से इनकार किया है। एसएचओ का कहना है कि पीडि़त की ओर से उन्हें कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। वहीं पीडि़त की मां ब्रह्मपाली का कहना है कि पुलिसवालों की वजह से ही यह सब हुआ है। उनकी कहां सुनवाई होगी।
















