-कविनगर थाने में बीट पुलिस के साथ गोष्ठी, 2026 की रणनीति तय
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वर्ष 2026 में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से सहायक पुलिस आयुक्त कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बुधवार को थाना कविनगर परिसर में बीट उपनिरीक्षकों एवं बीट पुलिस अधिकारियों के साथ गोष्ठी की। गोष्ठी के दौरान एसीपी सूर्यबली मौर्य ने क्षेत्र में पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट और व्यवहारिक दिशा-निर्देश दिए। एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बीट पुलिसिंग को कानून व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि प्रत्येक बीट अधिकारी को अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, अपराध प्रवृत्ति और स्थानीय लोगों से जुड़ी समस्याओं की गहन जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बीट स्तर पर सतत गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर और समय रहते सूचना संकलन को प्राथमिकता दी जाए, ताकि अपराध को जन्म लेने से पहले ही रोका जा सके। गोष्ठी में एसीपी ने अपराधियों के विरुद्ध सख्त लेकिन निष्पक्ष कार्रवाई पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए, जिससे आम नागरिकों का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने बीट अधिकारियों को जनता से नियमित संवाद बनाए रखने, छोटी-छोटी शिकायतों का भी समयबद्ध निस्तारण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए। सूर्यबली मौर्य ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में टीमवर्क सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बीट उपनिरीक्षकों और पुलिसकर्मियों से कहा कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए और रात्रि गश्त को प्रभावी बनाया जाए।
गोष्ठी के दौरान एसीपी की कार्यशैली स्पष्ट रूप से अनुशासित, दूरदर्शी और परिणामोन्मुखी नजर आई। उन्होंने न केवल समस्याओं की पहचान की, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना पर अमल करने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति से उन्हें अवगत कराया। अंत में एसीपी सूर्यबली मौर्य ने कहा कि वर्ष 2026 में कविनगर सर्किल को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
















