-25 फरवरी से आवेदन शुरू, 77 आवासीय भूखंड ई-लॉटरी से होंगे आवंटित
-मुख्यमंत्री ने हिंडन एयरपोर्ट पर ब्रोशर जारी कर दी शहरी विकास को नई गति
-डिजिटल प्रक्रिया और पारदर्शी व्यवस्था से नागरिकों का भरोसा होगा मजबूत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अपने घर का सपना संजोए लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने लंबे अंतराल के बाद नंदग्राम आवासीय भूखंड योजना लॉन्च कर दी है। इस योजना के तहत इच्छुक आवेदक 25 फरवरी से 15 मार्च तक आवेदन कर सकेंगे। लगभग 14 वर्ष बाद शहर में नई आवासीय भूखंड योजना आने से लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
रविवार को योगी आदित्यनाथ ने हिंडन एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में योजना के ब्रोशर का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह योजना गाजियाबाद के सुनियोजित शहरी विकास को नई गति देगी और डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से नागरिकों का विश्वास और मजबूत होगा। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि नंदग्राम आवासीय भूखंड योजना के अंतर्गत कुल 77 भूखंड विकसित किए गए हैं। योजना ग्राम नूरनगर, नंदग्राम स्थित खसरा संख्या 96 एवं 97 में विकसित की जा रही है।
लगभग 8000 वर्गमीटर रिक्त भूमि पर भूखंड तैयार किए गए हैं। बाहरी चारदीवारी पर करीब 1.07 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं तथा आंतरिक विकास कार्य भी पूर्ण कराए जा चुके हैं। योजना में 60 से 221 वर्गमीटर तक के भूखंड शामिल हैं, जिनकी दर 79 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। सभी भूखंड रेरा में पंजीकृत हैं और उनका आवंटन ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। 25 मार्च को ई-लॉटरी आयोजित की जाएगी, जिससे पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत आवंटन सुनिश्चित होगा। भूखंडों के आकार के अनुसार योजना में 60 वर्गमीटर तक के 23 भूखंड, 61 से 90 वर्गमीटर के 28 भूखंड, 91 से 120 वर्गमीटर के 8 भूखंड तथा 121 से 222 वर्गमीटर तक के 18 भूखंड शामिल हैं। कॉलोनी का लेआउट सुव्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया है, जिसमें चौड़ी सड़कें, पार्क, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
आंतरिक विकास कार्यों के अंतर्गत सड़क निर्माण, नाले-नालियां, विद्युत खंभे तथा जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को विकसित और व्यवस्थित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। पंजीकरण के समय सामान्य श्रेणी के आवेदकों को भूखंड मूल्य का 10 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के आवेदकों को 5 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। सफल आवेदकों को आवंटन पत्र जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट से डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
भुगतान व्यवस्था के तहत आवंटियों को शेष राशि 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ आठ तिमाही किस्तों में जमा करनी होगी। पूर्ण भुगतान और रजिस्ट्री के बाद 36 माह के भीतर भूखंड का कब्जा प्रदान किया जाएगा।
जीडीए अधिकारियों का दावा है कि 14 वर्ष बाद लाई गई यह योजना शहर के नियोजित विस्तार और मध्यम वर्गीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। डिजिटल आवंटन प्रक्रिया, पारदर्शिता और आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह योजना गाजियाबाद के शहरी विकास को नई पहचान देने की ओर अग्रसर है।
















