एकता से आयशा बनी टीचर की दुखद दास्तां

पाकिस्तान में जबरन धर्मांतरण का सिलसिला

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत बद से बदतर हो गई है। उन्हें जबरन धर्मांतरण के लिए मजबूर करने का सिलसिला रूक नहीं पाया है। ताजा मामला शिक्षिका एकता कुमारी का प्रकाश में आया है। जबरन धर्म परिवर्तन कराकर एकता को आयशा बनने पर मजबूर कर दिया गया है। एकता को बलपूर्वक इस्लाम कबूल कराया गया है। इस मामले का विरोध भी तेज हो गया है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 6 जनवरी को यह घटना सामने आई है। बलूचिस्तान निवासी एकता कुमारी पेशे से शिक्षिका हैं। पाकिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने ट्वीट कर एकता की तस्वीर और उसके धर्मांतरण का प्रमाण पत्र भी साझा किया है। उन्होंने लिखा है कि प्राइमरी स्कूल की हिंदू टीचर एकता को सिंध के घोटकी के बारझुंडी शरीफ धरकी में मियां मिट्ठू के जरिए इस्लाम कबूल कराया गया है। अब एकता का नाम आयशा कर दिया गया है। एकता के पिता का नाम अनिल कुमार है। सोशल मीडिया पर वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के ट्विटर हैंडल से भी पोस्ट वायरल हो रही है। इस पोस्ट में कहा गया है कि पाक में जबरन धर्म परिवर्तन कराना सामान्य हो चुका है। मियां मिट्ठू ने प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका को 6 जनवरी को इस्लाम कबूल कराया। ट्वीट में लिखा गया है कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब यहां के झंडे में से सफेद रंग बिल्कुल गायब हो जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान के झंडे में सफेद रंग अल्पसंख्यक को दर्शाता है। आरोप है कि मियां मिट्ठू ने इस क्षेत्र में कई अल्पसंख्यक युवतियों का धर्मांतरण कराया है। वर्ष 2019 में मिट्ठू ने महक केसवानी और 2 नाबालिग बहनों रवीना और रीना का अपहरण कराकर उन्हें इस्लाम कबूल कराया था। जबरन धर्म परिवर्तन कराने के अब तक 117 मामले दर्ज होने के बावजूद मियां मिट्ठू के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।