मुरादनगर में 40 बीघा में फैली 4 अनाधिकृत कॉलोनियों पर चला बुलडोजर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अनाधिकृत कॉलोनियों और अवैध निर्माण पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की सख्त कार्यवाही लगातार जारी है। मंगलवार को जीडीए ने मुरादनगर क्षेत्र में पाइपलाइन रोड स्थित लगभग 40 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही 4 अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के आदेश पर की गई, जिन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी तरह की अवैध प्लॉटिंग या निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंगलवार को जीडीए प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी व सहायक अभियंता पीयूष सिंह के नेतृत्व में जीडीए पुलिस और मुरादनगर थाना की टीम के सहयोग से यह बड़ी कार्रवाई की गई।

ग्राम जलालपुर-रघुनाथपुर पाईप लाइन रोड मुरादनगर के खसरा संख्या-144 में चतरपाल पुत्र नत्थू सिंह द्वारा लगभग 5 बीघा क्षेत्रफल में अनाधिकृत कॉलोनी में प्लॉटिंग और पवन कुमार अग्रवाल व अश्वनी कुमार त्यागी द्वारा खसरा संख्या-1533, 1530 ग्राम-सरना पाईप लाईन रोड मुरादनगर पर 5 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लॉटिंग का कार्य और अरुण चौधरी द्वारा खसरा संख्या-27 ग्राम नवीपुर पाईप लाईन रोड मुरादनगर पर लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग औरआजाद पुत्र कल्लू द्वारा खसरा संख्या-1308, 1256, 1258, 1273, 1275 ग्राम सरना पाईप लाईन रोड मुरादनगर पर कुल मिलाकर 40 बीघा क्षेत्र में हो रही अवैध प्लॉटिंग को जीडीए टीम ने ध्वस्त कर दिया। इसमें सड़क निर्माण, बाउंड्री वॉल, साइट ऑफिस, बिजली के खंभे आदि शामिल थे।

कार्रवाई के दौरान स्थानीय कॉलोनाइज़र और निर्माणकर्ता मौके पर पहुंचकर विरोध करने लगे, लेकिन प्रशासन और पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए सभी को वहां से हटाया और कार्रवाई को बिना किसी रुकावट के पूरा किया। कार्रवाई के दौरान जीडीए प्रवर्तन टीम ने मौके पर मौजूद आमजन से सख्त अपील की कि कृपया अनाधिकृत कॉलोनियों में भूखंडों की खरीद-फरोख्त से बचें। इन क्षेत्रों में न तो कानूनी मान्यता है और न ही किसी प्रकार की मूलभूत सुविधा की गारंटी। ऐसे भूखंडों में निवेश कर आप अपने पैसे और भविष्य दोनों को जोखिम में डालते हैं। अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ जीडीए की सख्ती आगे भी जारी रहेगी। जो भी व्यक्ति अवैध निर्माण में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम गाजियाबाद को सुव्यवस्थित और कानूनी ढांचे में विकसित करना चाहते हैं।