-नगर आयुक्त ने कसी कमर, एक सप्ताह में कार्य योजना तैयार करने का दिया आदेश
-नालों के अवरोध, जल संरक्षण और गंगाजल योजना पर मंथन
-सौंदर्यीकरण और सामाजिक भागीदारी से हिंडन को मिलेगी नई पहचान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद की जीवनरेखा मानी जाने वाली हिंडन नदी के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में एक नई मुहिम शुरू की गई है। इसी क्रम में शनिवार को नगर निगम, जल निगम और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें हिंडन नदी की स्वच्छता को सुनिश्चित करने और शहर की भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को सुगम एवं सुलभ बनाए रखने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर हिंडन नदी में गिरने वाले नालों के निस्तारण को पूर्णत: रोकने की कार्य योजना तैयार की जाए। यह कदम नदी में प्रदूषण के प्रवाह को बंद करने की दिशा में एक ऐतिहासिक प्रयास होगा। साथ ही, हिंडन के तटीय क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर सौंदर्यीकरण के ठोस प्रस्ताव भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि हिंडन नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के इस अभियान में सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्वच्छता केवल एक प्रशासनिक कार्य न होकर जन-आंदोलन का रूप लेगी। नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि शहर के समग्र जल प्रबंधन को लेकर एक दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है, जिसमें भविष्य में गाजियाबाद के हर क्षेत्र को गंगाजल आपूर्ति से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में जल निगम के मुख्य अभियंता आर. के. पंकज को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने के लिए जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जनजागरूकता अभियान शुरू करने की भी योजना है।
नगर आयुक्त ने कहा कि हिंडन नदी गाजियाबाद की धरोहर है। इसे स्वच्छ और सुंदर बनाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। मैं सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश देता हूं कि एक सप्ताह के भीतर हिंडन नदी में गिरने वाले सभी नालों के प्रभावी समाधान के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करें। नदी के तटीय इलाकों का सर्वेक्षण कर सौंदर्यीकरण की विस्तृत योजना बनाई जाए। इसके साथ ही, भविष्य में गाजियाबाद की पेयजल आपूर्ति को गंगाजल से सुलभ और सुगम बनाने के लिए भी रणनीतिक कार्ययोजना तैयार की जाए। जल संरक्षण को बढ़ावा देना हमारी दीर्घकालिक नीति का हिस्सा होगा। इस कार्य में सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का सक्रिय सहयोग लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बनाई जा रही योजनाओं को धरातल पर तेजी से उतारने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंडन नदी के किनारों का व्यापक सौंदर्यीकरण कर इसे शहर का गौरव बनाया जाएगा और साथ ही आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ जल और सुरक्षित पर्यावरण का उपहार भी सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में जल निगम, सिंचाई विभाग और नगर निगम के विभिन्न अभियंताओं ने भी अपने सुझाव साझा किए। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, अवनींद्र कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज कुमार सिंह और सहायक अभियंता जल आश कुमार व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

















