ग्रेटर नोएडा में बीओटी पर बनेंगे सामुदायिक केंद्र

-ग्रेनो के सेक्टरों और गांवों में सामुदायिक केंद्र बनाने की तैयारी
-20 साल के लिए शर्तों के आधार पर निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी जाएगी

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और गांवों में अब बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) के आधार सामुदायिक केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। प्राधिकरण ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार कर उस पर काम शुरू कर दिया है। रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी कर इच्छुक कंपनियों से आवेदन मांगें गए हैं।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर व गांवों के लोगों को शादी समारोह, सांस्कृतिक गतिविधियों, जन्मदिन, शादी की सालगिरह आदि कार्यक्रमों के लिए इधर- उधर न भटकना पड़े, इसके लिए प्राधिकरण द्वारा सामुदायिक केंद्र/बरातघर का निर्माण किया जाता है।

इसका रखरखाव और संचालन प्राधिकरण द्वारा ही किया जाता है। इसमें आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्राधिकरण ने बीओटी के आधार पर सामुदायिक केंद्र का निर्माण करने का अहम निर्णय लिया है। अधिकारी के मुताबिक तैयार प्रस्ताव के तहत निजी कंपनी को सामुदायिक केंद्र के निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। शर्तों के आधार पर कंपनी का चयन किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को आमदनी भी होगी। संबंधित कंपनी बुकिंग में मनमानी न कर सके इसके लिए प्राधिकरण द्वारा निगरानी की जाएगी। अधिकारी के मुताबिक सीईओ की अनुमति पर रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी कर इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगें गए हैं। प्रस्ताव का प्रस्तुतिकरण 21 जुलाई को किया जाएगा।

इस तरह काम करेगा बीओटी
बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) एक प्रकार की परियोजना विकास और प्रबंधन रणनीति है,जिसमें एक निजी कंपनी या संगठन परियोजना का निर्माण, संचालन और रखरखाव एक निश्चित अवधि के लिए करता है। इसके बाद परियोजना का स्वामित्व सरकार या अन्य प्राधिकरण को हस्तांतरित कर देता है। ग्रेटर नोएडा में फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का निर्माण इसी आधार पर किया जा रहा है।

पहले से बने सामुदायिक केंद्रों की भी जिम्मेदारी सौंपेंगे
शहर के अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, पी-3 सहित विभिन्न सेक्टरों में सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया गया है। वहीं वर्तमान में 12 सामुदायिक केंद्रों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनके संचालन और रखरखाव में दिक्कत आ रही है। सेक्टर के लोगों द्वारा इसकी शिकायत की जाती है। इसको देखते हुए पहले से बने सामुदायिक केंद्रों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी शर्तों के आधार पर निजी हाथों में सौंपी जा सकती है। इस पर चर्चा चल रही है।

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एके सिंह
महाप्रबंधक परियोजना, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक केंद्र का निर्माण बीओटी आधार पर किया जाएगा। प्रस्ताव तैयार कर रुचि की अभिव्यक्ति जारी कर दी गई है। सामुदायिक केंद्र के निर्माण, रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी निजी कंपनी संभालेगी। पहले से बने सामुदायिक केंद्र के रखरखाव व संचालर की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
एके सिंह, महाप्रबंधक परियोजना, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण।