मनरेगा के नाम परिवर्तन के विरोध में कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’

-केंद्र सरकार पर रोजगार की वैधानिक गारंटी खत्म करने का आरोप, राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलकर ‘जी राम जी योजना’ किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। इसी क्रम में कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के नाम से देशभर में अभियान शुरू किया है। शनिवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार के इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रेसवार्ता में सतीश शर्मा ने कहा कि वर्ष 2005 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार द्वारा मनरेगा योजना की शुरुआत की गई थी, जिसने ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की रीढ़ के रूप में कार्य किया। यह योजना प्रतिवर्ष पांच से छह करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराती रही है और विशेष रूप से महिलाओं, दलितों, आदिवासियों एवं वंचित समुदायों के लिए आर्थिक संबल बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया नया ‘वीबीजी रामजी अधिनियम’ इस संपूर्ण ढांचे से एक मौलिक विचलन है और इससे रोजगार की वैधानिक गारंटी समाप्त हो जाती है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर घटेंगे, मजदूरों का शोषण बढ़ेगा और एक नया ग्रामीण संकट खड़ा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना श्रम की गरिमा और ग्राम स्वराज जैसे उन मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास है, जिन पर मनरेगा की नींव रखी गई थी। कांग्रेस इसे केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि गरीब और मजदूर वर्ग के अधिकारों पर सीधा प्रहार मानती है। उन्होंने बताया कि मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। इसी क्रम में गाजियाबाद कांग्रेस कार्यालय पर प्रेसवार्ता के माध्यम से अभियान की शुरुआत की गई है। आंदोलन के तहत 11 जनवरी को एकदिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध किया जाएगा। 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जबकि 30 जनवरी को शहर में वार्ड स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

आगे की रणनीति के तहत 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय मनरेगा बचाओ धरना आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 7 से 15 फरवरी तक लखनऊ में विधानसभा का घेराव कर राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 16 से 25 फरवरी तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्यों द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर रैलियां निकाली जाएंगी। प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता सुरेंद्र कुमार शर्मा, राजकुमार शर्मा, राजेश शर्मा और आशुतोष गुप्ता भी उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मनरेगा की मूल भावना और रोजगार की गारंटी को बहाल नहीं किया जाता।