क्राइम ब्रांच ने 27 लाख रुपये से अधिक के गायब धनिया सहित दो शातिर अपराधियों को किया गिरफ्तार, तीसरा आरोपी फरार

-राजस्थान से गुवाहाटी जाने वाले माल को गाजियाबाद में चोरी कर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेचने की साजिश नाकाम, पुलिस ने ट्रक, बोरे और नकदी बरामद की

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राजस्थान पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 लाख रुपये से अधिक मूल्य के गायब धनिया को बरामद कर लिया है। इस मामले में दो शातिर अपराधी अवनीश त्यागी और कपिल त्यागी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीसरा आरोपी हरीश अभी फरार है। पुलिस ने चोरी की ट्रक, 366 बोरे धनिया और पांच लाख 38 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया मंगलवार को क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दकी की टीम ने मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र से माल समेत आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच में सामने आया कि रामगंजमंडी, राजस्थान की कृषि उपज मंडी से शिवभगवान अग्रवाल ने अपनी सांवलिया ट्रेडिंग कंपनी के जरिए 30,150 किलो धनिया, जिसकी कीमत करीब 27,38,549 रुपये है, शीतल ट्रांसपोर्ट कंपनी के ट्रक से गुवाहाटी, असम भेजा था। लेकिन ट्रक गुवाहाटी नहीं पहुंचा। इस पर शिवभगवान ने ट्रक ड्राइवर और मालिकों के खिलाफ 18 मई 2025 को रामगंजमंडी थाने में शिकायत दर्ज कराई।

राजस्थान पुलिस को जांच में पता चला कि ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और इसे गाजियाबाद के आसपास देखा गया। पूछताछ में अवनीश त्यागी ने कबूला कि उसने एमए तक पढ़ाई की है और पहले रघुवीर ट्रेडिंग कंपनी नाम से एक फर्म चलाई थी, जो बंद हो गई। बाद में उसने ट्रक खरीदा और माल ढुलाई का काम शुरू किया, लेकिन कम मुनाफे की वजह से अपराध की राह अपनाई। उसने भगवानपुर, राजस्थान के ट्रक ड्राइवर हरीश के साथ मिलकर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर माल चोरी करने की साजिश रची। 5 मई 2025 को तीनों आरोपियों ने रामगंजमंडी से 666 बोरे धनिया लोड किया, जिसे गुवाहाटी भेजने की बजाय गाजियाबाद लाया। वहां ट्रक की नंबर प्लेट हिमाचल प्रदेश की फर्जी प्लेट से बदल दी गई और फोन बंद कर दिए गए। हरीश ने 300 बोरे धनिया को 9,38,000 रुपये में बेच दिया, जिसमें से 4 लाख रुपये अपने पास रखे। बाकी पैसे अवनीश और कपिल के पास थे, जो बाकी माल बेचने की फिराक में थे।

कपिल त्यागी ने बताया कि उसने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी और खेती के साथ बुलंदशहर की शुगर मिल में नौकरी की। हरीश से मिलने के बाद यह अपराध किया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह उनकी पहली वारदात नहीं थी और पहले भी वे फर्जी नंबर प्लेट लगाकर माल चोरी कर चुके हैं। अपर पुलिस उपायुक्त अपराध, पीयूष सिंह ने बताया कि हमने आरोपियों की धरपकड़ कर उनके जाल को तोड़ दिया है। अभी फरार आरोपी की तलाश जारी है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि चोरी किए गए 300 बोरे धनिया किसने खरीदे। पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें ताकि अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।