De-congestion Mission: शहर को जाम मुक्त और वायु प्रदूषण से राहत दिलाने का अभियान तेज

-नगर निगम ने चिन्हित स्थलों का ड्रोन सर्वे शुरू किया, मालीवाड़ा चौक और काला पत्थर रोड में यातायात सुधार कार्यवाही प्रारंभ
-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में वैज्ञानिक और ठोस उपायों के साथ डी-कंजेशन अभियान में सभी विभागों का समन्वय
-वायु गुणवत्ता सुधार और शहरवासियों को प्रदूषण व जाम से राहत दिलाने की दिशा में अहम कदम

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने और वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से नगर निगम ने डी-कंजेशन अभियान को तेज कर दिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में मंगलवार को नगर निगम की टीम द्वारा शहर के प्रमुख जामग्रस्त क्षेत्रों में ठोस और वैज्ञानिक तरीके से कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। इसी क्रम में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चिन्हित स्थलों का ड्रोन सर्वे कराए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे जाम की वास्तविक स्थिति का आकलन कर प्रभावी समाधान लागू किया जा सके। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि वायु गुणवत्ता सुधार के लिए केवल सड़कों पर पानी का छिड़काव करना, धूल नियंत्रण या ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज की सफाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शहर को जाम मुक्त बनाना भी वायु प्रदूषण कम करने की दिशा में उतना ही जरूरी कदम है। लगातार लगने वाले जाम से वाहनों का उत्सर्जन बढ़ता है, जिससे वायु प्रदूषण गंभीर रूप लेता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा एयर पॉल्यूशन एक्शन ग्रुप के सहयोग से जाम मुक्त शहर की दिशा में अभियान चलाया जा रहा है।

प्रथम चरण में शहर के पांच प्रमुख जामग्रस्त स्थलों को चिन्हित किया गया है, जिनमें मालीवाड़ा चौक (सिटी जोन), काला पत्थर मार्ग इंदिरापुरम, सीआईएसएफ चौक इंदिरापुरम, चौधरी मोड़ (सिटी जोन) तथा नागद्वार (मोहन नगर जोन) शामिल हैं। इनमें से मालीवाड़ा चौक और काला पत्थर रोड पर कार्यवाही की शुरुआत की जा रही है। इन दोनों स्थलों के लगभग 500 मीटर क्षेत्र में ड्रोन सर्वे कराकर जाम की वास्तविक स्थिति, यातायात दबाव, सड़क संरचना और अतिक्रमण की स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। ड्रोन सर्वे के आधार पर यह तय किया जाएगा कि जामग्रस्त सड़कों पर कहां आवश्यक कट या यू-टर्न बनाए जाने हैं, कहां अवैध अतिक्रमण हटाना है, और कहां रेहड़ी-पटरी को व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। नगर आयुक्त ने कहा कि बिना वैज्ञानिक अध्ययन के कोई भी स्थायी समाधान संभव नहीं है, इसलिए निर्णय लेने से पूर्व ड्रोन सर्वे अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही यातायात विभाग से समन्वय स्थापित कर संयुक्त टीम द्वारा जाम की समस्या का समाधान किया जाएगा।

डी-कंजेशन अभियान को गति देने के लिए नगर आयुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान अधिकारियों की टीम ने चिन्हित स्थलों का प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया, जिसके बाद ड्रोन सर्वे कराने का निर्णय लिया गया। आगामी सप्ताह में दो प्रमुख स्थलों पर ड्रोन सर्वे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन स्थानों पर सफलता मिलने के बाद शेष तीन चिन्हित स्थलों को भी ड्रोन सर्वे के दायरे में लाया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से शहर के अन्य प्रमुख जामग्रस्त क्षेत्रों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा।

बैठक और प्रेजेंटेशन के दौरान नगर आयुक्त के साथ नगर निगम के समस्त संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, उद्यान प्रभारी अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार तथा जलकल विभाग के प्रभारी प्रकाश आश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा एयर पॉल्यूशन एक्शन ग्रुप से पीयूष खत्री एवं ऋषभ भी मौजूद रहे। नगर निगम द्वारा डी-कंजेशन और वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर की जा रही यह कार्यवाही जनहित में सराहनीय मानी जा रही है और इससे शहरवासियों को जाम और प्रदूषण दोनों से राहत मिलने की उम्मीद है।