राजनगर एक्सटेंशन में 25 बीघा पर अवैध कॉलोनियों और निर्माणों का ध्वस्तीकरण

-जीडीए प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर और हथौड़े से तोड़े अवैध निर्माण, प्रवर्तन कार्रवाई जारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की प्रवर्तन टीम ने राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में अवैध रूप से बन रही तीन कॉलोनियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में लगभग 25 बीघा क्षेत्रफल में अवैध कॉलोनियों और निर्माणों को समाप्त किया गया। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि जीडीए सीमा क्षेत्र में अवैध कॉलोनी और निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इसके लिए सभी आठों प्रवर्तन जोन के प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
गुरूवार को प्रवर्तन जोन-1 की टीम ने राजनगर एक्सटेंशन में ध्वस्त की गई कॉलोनियों में बनी सड़क, भूखंडों की बाउंड्रीवॉल और साइट ऑफिस सहित सभी अवैध निर्माण हटाए। इसी बीच, प्रवर्तन जोन-4 के प्रभारी अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में अवर अभियंता गिरिजा शंकर मल्ल और योगेश कुमार वर्मा ने जीडीए पुलिस की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को हथौड़े से ध्वस्त किया और बिल्डिंग को सील भी किया।

पूनम दुआ पुत्री मदनलाल दुआ, भूखंड जे-38, सेक्टर-12, प्रताप विहार: स्वीकृत बेसमेंट और स्टिल्ट के स्थान पर अतिरिक्त तीन तल का निर्माण। इसे 19 मई 2025 को नोटिस जारी किया गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण अवैध निर्माण को गुरूवार को ध्वस्त किया गया। शैलेश सिंह पुत्र कुलदीप सिंह और निशांत सिद्धू पुत्र विनोद सिद्धू, भूखंड एल-285, सेक्टर-12, प्रताप विहार: स्वीकृत मानचित्र के विरुद्ध अतिरिक्त तल निर्माण, जिसे 10 अक्टूबर 2025 को सील किया गया था। शांति देवी पत्नी बलवीर सिंह, भूखंड एम-1, सेक्टर-12, प्रताप विहार: मानचित्र के विपरीत सभी सेट बैक कवर करते हुए निर्माण किया गया।

शमन उपविधि-2025 के अंतर्गत आश्वासन मिलने के बावजूद शमन न कराए जाने पर इसे भी ध्वस्त किया गया। जीडीए प्रवर्तन अधिकारीयों ने कहा कि अवैध निर्माण रोकने और नियमानुसार विकास कार्य को सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कठोरता के साथ जारी रहेगी। उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने यह स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनियों और निर्माणों के मामलों में कोई भी सक्षमता दिखाने या समय गंवाने की अनुमति नहीं होगी। आने वाले समय में भी ऐसे निर्माणों के खिलाफ कड़ी और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।