-सीईआईआर तकनीक से मोबाइल बरामद, दिल्ली-एनसीआर और यूपी सहित अन्य राज्यों से लौटाए गए, पुलिस की तेज और प्रभावी कार्यशैली की सराहना
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दीपावली के शुभ अवसर से पहले डीसीपी सिटी नगर धवल जायसवाल और उनकी टीम ने शहरवासियों को एक बड़ा तोहफा दिया। उनकी सक्रिय और परिणाममुखी कार्यशैली के चलते लूट और चोरी हुए 150 मोबाइल बरामद किए गए, जिन्हें पीडि़तों को उनके हाथों में सौंपा गया। बुधवार को पुत्तिस लाइन स्थित परमजीत हॉल में आयोजित कार्यक्रम में डीसीपी सिटी ने मोबाइल लौटाए, तो उपस्थित लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि बरामद मोबाइल की कुल कीमत लगभग 35 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि शहर में रोजाना मोबाइल चोरी और गुम होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। इन शिकायतों का गंभीरता से निपटारा करते हुए उनकी टीम ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) तकनीक का उपयोग कर गुम और चोरी हुए मोबाइल ट्रेस कर उन्हें बरामद किया। इस प्रक्रिया में 242 मोबाइल ट्रेस किए गए, जिनमें से 150 मोबाइल सफलतापूर्वक अपने मालिकों को लौटाए गए।
बरामद किए गए मोबाइल न केवल दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश से बल्कि अन्य राज्यों से भी आए। डीसीपी ने बताया कि मोबाइल के सही मालिकों तक इसे पहुँचाने के लिए पुलिस लाइन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पीडि़तों ने डीसीपी धवल जायसवाल और उनकी टीम को थैंक्यू कहा और उनकी तारीफ की। कई लोग मान रहे थे कि वे अपने गुम हुए या लूटे गए मोबाइल को कभी वापस नहीं पाएंगे, लेकिन पुलिस की नई तकनीक ने उन्हें आश्चर्य और खुशी से भर दिया। डीसीपी ने आगे बताया कि मोबाइल की बरामदगी के बाद चोरी और लूट करने वालों की पहचान करने के लिए गंभीर पूछताछ की जा रही है। इसके तहत लुटेरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में नगर कोतवाली और विजयनगर थाना पुलिस ने सबसे अधिक योगदान दिया, दोनों थानों ने 40-40 मोबाइल बरामद किए। धवल जायसवाल की कार्यशैली को पुलिस और आम जनता दोनों द्वारा सराहा जा रहा है। उनका कहना है कि तकनीकी और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकता है और लोगों का विश्वास बढ़ाया जा सकता है।
मोबाइल लौटाने का यह अभियान न केवल चोरी और लूट के मामलों में पुलिस की सक्रियता दिखाता है, बल्कि नागरिकों के जीवन में सुरक्षा और संतोष भी बढ़ाता है। इस पहल से यह संदेश भी मिलता है कि आधुनिक तकनीक और सही नेतृत्व के माध्यम से अपराध नियंत्रण संभव है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने यह साबित कर दिया कि समय पर कार्रवाई, तकनीकी सहायता और जिम्मेदार नेतृत्व से पुलिस जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साकार कर सकती है। दीपावली के अवसर पर इस तरह की पहल ने शहरवासियों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत की है। इस सफल अभियान के माध्यम से डीसीपी धवल जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधी चाहे किसी भी प्रकार के हों, उनकी टीम हर हाल में जनता की संपत्ति और सुरक्षा की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशैली ने न केवल अपराधियों को चेतावनी दी, बल्कि आम नागरिकों को भी यह भरोसा दिया कि पुलिस उनके साथ है और किसी भी स्थिति में उनकी मदद करेगी।
















