शराब माफिया के गढ़ हिंडन खादर क्षेत्र में आबकारी विभाग ने मारा छापा

-65 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद, 1200 किलोग्राम लहन नष्ट
-कार्रवाई के बाद अनैतिक गतिविधियों में संलग्न आरोपियों में मचा हड़कंप

गाजियाबाद। जिले में कच्ची शराब का कारोबार कुटीर उद्योग का रूप अख्तियार कर चुका है। कच्ची शराब की भट्टी पर मिलावट का खेल खूब हो रहा है। ऐसे में मिलावटी व नकली शराब का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। नकली शराब बनाने के लिए पानी के साथ मिलाए जाने वाले पदार्थ व कच्ची शराब में पडऩे वाला केमिकल लोगों की जिंदगी निगलने को काफी है। नतीजा मिलावटखोरी करने वाले मौत के सौदागर आम जन की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। यह कारोबार करीब दो दशक के चल रहा है। जब भी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी और माफियाओं पर कार्रवाई हुई तो वह आबकारी विभाग ने ही की। पुलिस महकमा शराब माफियाओं पर कभी हाथ नहीं डालता। जब भी शासन का दबाव पड़ता है तो गरीबों को गिरफ्तार करके कच्ची शराब की बरामदगी करके पुलिस महकमा कोरम पूरा कर लेता है। इस अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग लगातार अभियान चलाकर छापेमारी कर रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को हिंडन खादर क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया गया। लगातार कार्रवाई के बाद अनैतिक गतिविधियों में संलग्न आरोपियों में हड़कंप सा मच गया।

मौके पर आबकारी विभाग की टीम ने कच्ची शराब व लहन बरामद किया। जिले में अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग की टीम पूरी शिद्दत से जुटा हुआ है। उसी का परिणाम है कि कच्ची शराब का गढ़ जाने वाले हिंडन क्षेत्र में शराब माफिया त्योहारी सीजन हो या फिर चुनाव, अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पा रहे है। यह क्षेत्र अवैध शराब के कारोबार का गढ़ रहा है। यहां आज से नहीं दो दशक पहले से यह अवैध कारोबार हो रहा था। हिंडन खादर क्षेत्र में शराब माफिया निरंतर अवैध शराब बनाने का प्रयास करते है। चूंकि अवैध शराब के निर्माण में खर्च कम और बिक्री से मोटा मुनाफा होता है। इसलिए इस शराब का निर्माण करने की फिराक में रहते हैं। इसके लिए जरूरी सामान जुटाकर भट्टियां धधका दी जाती हैं, लेकिन सूचना मिलते ही आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर माफिया के इरादों पर पानी फेरने का काम कर रही है।

उत्तर प्रदेश शासन एवं आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री व परिवहन पर पूर्णत: अंकुश लगाने के लिए जिले में प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह आबकारी निरीक्षक अनुज वर्मा, अखिलेश बिहारी वर्मा एवं मनोज शर्मा की संयुक्त टीम द्वारा थाना टीला मोड़ एवं लोनी अंतर्गत सिरौरा, भूपखेड़ी, सीती, रिसतल आदि हिंडन खादर क्षेत्र पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान लगभग 65 लीटर अवैध कच्ची शराब तथा करीब 1200 किलोग्राम लहन बरामद हुआ। अवैध कच्ची शराब को कब्जे में लेकर लहन को मौके पर नष्ट कर दिया गया। आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत 2 अभियोग पंजीकृत किए गए।

जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि शराब माफिया नदी किनारे शराब की भट्टियां लगाकर कच्ची शराब बनाने का कारोबार करते है। मगर आबकारी विभाग द्वारा माफिया पर जब छापेमारी की जाती है तो उससे पहले ही नदी में कूदकर तस्कर फरार हो जाते है। जनपद में शराब माफिया पर कार्रवाई के लिए विभाग कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। शराब माफिया के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसके बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं। विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। वहीं आबकारी विभाग द्वारा चेक पोस्ट, रेस्टोरेंट, बार एवं शराब की दुकानों पर भी चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही अवैध शराब के चिन्हित स्थानों पर छापेमारी के अलावा राष्ट्रीय व राजमार्गों पर खुले ढाबों की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा शराब की दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक भी चेक किया जा रहा है।

टोल फ्री नंबर या कंट्रोल रुम पर दे अवैध शराब की सूचना
जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री व तस्करी पर रोक लगाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9454466019 के साथ पांच अंकों का एक टोल फ्री नंबर 14405 और कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर व व्हाट्सएप नंबर 7065011003 पर सूचना दी जा सकती है। जिस पर शिकायत मिलते ही अनैतिक कार्यों में लिप्त संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। टोल फ्री और कंट्रोल के नंबर को सभी देशी, विदेशी शराब, बीयर की दुकानों व मॉडल शॉप पर अंकित कराया गया है।

राकेश कुमार सिंह
जिला आबकारी अधिकारी

जिससे दुकानों पर होने वाली अनियमितता की शिकायत के साथ अन्य स्थानों पर अवैध शराब के संबंध में शिकायत तत्काल की जा सकें। इसमें शिकायत करने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है। उक्त नंबर पर 24 घंटे में कभी भी सूचना दे सकते हैं। उक्त नंबर पर दी गयी सूचना पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी और सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। जिसके लिए एक टीम 24*7 कार्यालय पर मौजूद रहेगी।
राकेश कुमार सिंह
जिला आबकारी अधिकारी