-स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस
-अवैध अतिक्रमण पर होगी कड़ी कार्रवाई, उद्योगों को मिलेगा त्वरित समाधान
-पीपीटी प्रेजेंटेशन और बजट प्लानिंग से विकास को मिलेगी नई रफ्तार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद के औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने, स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने और उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में महात्मा गांधी सभागार में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक विकास, बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने स्वच्छता, नियमित सफाई, सड़कों के निर्माण व मरम्मत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा जैसे विषयों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। डीएम ने यूपीसीडा सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं, आवश्यकताओं और प्रस्तावित विकास कार्यों को क्रमवार पीपीटी के माध्यम से बैठक में प्रस्तुत किया जाए, जिससे ठोस और त्वरित निर्णय लिए जा सकें।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में फैले अवैध अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को ऐसे कब्जों को चिन्हित कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योगों को आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत होकर उनके समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया और कहा कि प्रशासन उद्योगपतियों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में कराए जाने वाले विकास कार्यों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए बजट प्रावधानों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे उद्योगों का संचालन सुचारु रूप से हो सके और जनपद में निवेश को प्रोत्साहन मिले। बैठक में सीडीओ अभिनव गोपाल, अपर जिलाधिकारी एल/ए, अपर जिलाधिकारी (नगर) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारी साझा करते हुए प्रस्तावित कार्यों और समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया।
















