-देशी, विदेशी मदिरा व बीयर की दुकान के संचालकों के साथ बैठक
-2024-25 में शराब दुकानों का लाइसेंस नवीनीकरण शुरु, 11 जनवरी अंतिम दिन
गौतमबुद्ध नगर। नई आबकारी नीति 2024-25 के जारी होने के बाद शराब दुकानों के व्यवस्थापन के लिए आबकारी विभाग ने लाइसेंस नवीनीकरण की तैयारी प्रारंभ कर दी है। शनिवार को आबकारी विभाग के गोदाम पर जिलाधिकारी के निर्देश पर आबकारी अधिकारी की अध्यक्षता में जिले देशी, विदेशी मदिरा व बीयर की दुकान के संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिसमें सरकार द्वारा जारी की गई नई आबकारी नीति के बारे में अनुज्ञापियों को विस्तार से बताया गया। साथ ही नियमों का अक्षरशः: पालन करने के निर्देश दिए गए। जनपद में अंग्रेजी, देशी व विदेशी और मॉडल शॉप समेत 538 का व्यवस्थापन किया जाना है, जिसमें सबसे अधिक 232 दुकानें देशी शराब, 141 दुकानें अंग्रेजी शराब, 140 दुकानें बीयर और 25 मॉडल शॉप शामिल हैं। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया वर्ष 2024-25 में दुकानों का व्यवस्थापन नवीनीकरण से होगा।
विदेशी मदिरा, बीयर, भांग और माडल शाप दुकानों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में वार्षिक लाइसेंस फीस में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 36 प्रतिशत तीव्रता की देशी मदिरा की लाइसेंस फीस 254 रुपये प्रति बल्क लीटर और ड्यूटी 30 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है। देशी शराब का अधिकतम खुदरा मूल्य पांच रुपये के गुणक में निर्धारित किया जाएगा। बीयर की दुकानों में दुकान की 20 मीटर की परिधि में न्यूनतम 100 वर्ग मीटर का पृथक परिसर में 5000 के शुल्क भुगतान पर मात्र बीयर पिलाए जाने के लिए परिसर अनुमन्य होगा। प्रत्येक फुटकर दुकान पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा अनिवार्य रूप से करनी होगी। प्रतिभूति का अंतर निर्धारित समय के बाद अधिकतम 15 दिनों में प्रतिदिन 2000 अर्थदंड के साथ जमा की जा सकेगी। इस सीमा तक जमा न होने पर अनुज्ञापन निरस्त हो जायेगा।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि आबकारी की दुकानों को किसी अन्य विभाग के अधिकारी सील नहीं कर सकेंगे और अन्य विभाग के अधिकारी बिना आबकारी विभाग के सक्षम अधिकारी को साथ लिए दुकानों का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे। देशी शराब की नई दुकानों पर पहली की बजाय पांच अप्रैल तक पुराने स्टॉक की शराब की बिक्री की मंजूरी दी गई है। पुलिस अथवा अन्य किसी संस्था द्वारा जिलाधिकारी की पूर्वानुमति के बिना फुटकर व थोक शराब तथा भांग की दुकान का संचालन बंद नहीं करवाया जा सकेगा। उन्होंने कहा पांच से शराब दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण शुरू हो गया है, जो कि 11 जनवरी तक होगा। इसके बाद नवीनीकरण में छूटी दुकानों का 30 जनवरी को लॉटरी सिस्टम से व्यवस्थापन कराया जाएगा।
बैठक में अनुज्ञापियों को दुकानों के संचालन और नवीनीकरण के संबंध में निर्देश दिए गए। सभी अनुज्ञापी ये सुनिश्चित कर लें की उनके चरित्र प्रमाण पत्र की वैधता अवधि समाप्त तो नहीं हुई है। अगर किसी अनुज्ञापी के चरित्र प्रमाण पत्र की वैधता अवधि समाप्त हो रही हो तो उसको तत्काल नया चरित्र प्रमाण पत्र बनवाकर जमा किया जाए। मदिरा की दुकान की चौहद्दी लाइसेंस में उल्लिखित चौहद्दी के अनुरूप हो। नवीनीकरण करा रहे सभी अनुज्ञापी को निर्देश दिए कि अन्य दस्तावेजों के साथ ही साथ वारिसान प्रमाण पत्र व जीवित प्रमाण पत्र भी जमा करना है। मदिरा की दुकान के बाहर नियमानुसार साइन बोर्ड लगवाना है। दुकान में सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो व देसी दुकान की कैंटीन में सफाई की समुचित व्यवस्था हो। लाइसेंसधारी अपनी दुकान पर मदिरा बिक्री का कार्य करने के लिए विक्रेताओं का ब्यौरा नौकरनामा निर्गत कराने के लिए प्रस्तुत करेगा, उससे पूर्व उसे आबकारी विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर कराना होगा।
उसके बाद ही वह उक्त दुकान पर शराब की बिक्री करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि पोर्टल पर रजिस्टर्ड विक्रेता के अलावा अन्य किसी व्यक्ति द्वारा शराब की बिक्री पाई गई तो संबंधित विक्रेता के साथ-साथ अनुज्ञापी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। दुकानों पर निर्धारित मानक के अनुरूप सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हो, साथ ही उनमें नियमानुसार निर्धारित रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की क्षमता भी हो। जिससे भविष्य में उसकी रिकॉर्डिंग को चेक किया जा सकें। प्रत्येक दुकान का फूड लाइसेंस जारी करा लिया जाए। शराब की दुकानों पर 18 वर्ष से कम आयु के युवक को शराब न दें। साथ ही दुकानों पर शराब बिक्री के दौरान डिजिटल पेमेंट की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। दुकानों के नवीनीकरण के लिए सभी दस्तावेज दुरुस्त कर लें। बैठक के दौरान आबकारी निरीक्षक सेक्टर-1 गौरव चन्द, सेक्टर-2 रवि जायसवाल, सेक्टर-3 शिखा ठाकुर, सेक्टर-4 अभिनव शाही, सेक्टर-5 चन्द्रशेखर सिंह, सेक्टर-6 नामवर सिंह एवं सेक्टर-7 आशीष पाण्डेय समेत आदि निरीक्षक व अनुज्ञापी मौजूद रहें।
देशी शराब की होगी चार श्रेणियां
शीरे से निर्मित 25 व 36 प्रतिशत तीव्रता की देशी शराब 200 एमएल क्षमता की कांच व पेट (प्लास्टिक) की बोतलों तथा एसेप्टिक ब्रिक पैक में मिलेंगी। अनाज आधारित 42.8 प्रतिशत और 36 प्रतिशत तीव्रता की देशी मदिरा की श्रेणियां भी उपलब्ध होंगी। देशी शराब की यह श्रेणियां 200 एमएल की कांच, पेट (प्लास्टिक) की बोतलों तथा एसेप्टिक ब्रिक पैक में मिलेंगी।


















