सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल करेंगे किसान

सभी जिला मुख्यालयों पर होंगे धरना-प्रदर्शन

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसान किसी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। वह सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। इसके मद्देनजर किसानों ने सोमवार को भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है। सिंघु, टिकरी, पलवल और गाजीपुर आदि बॉर्डर पर भूख हड़ताल की जाएगी। सिंघु बॉर्डर पर रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में किसान नेता गुरनाम सिंह चिडोनी ने कहा कि किसान सोमवार की सुबह 8 से शाम 5 बजे तक एक दिवसीय अनशन पर रहेंगे। धरना सभी जिला मुख्यालयों पर भी आयोजित किए जाएंगे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि किसानों का रुख बिल्कुल साफ है। तीनों कृषि कानूनों को सरकार को वापस लेना चाहिए। सभी किसान नेता साथ हैं। उधर, भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हमें पैनी नजर रखने की जरूरत है ताकि कोई गलत तत्व हमारे बीच न हों। हमारे सभी युवाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अगर सरकार बात करना चाहती है तो किसान भी समिति गठित करेंगे और आगे का निर्णय लेंगे। उधर, दिल्ली में किसान आंदोलन का रविवार को 18वां दिन था। राजस्थान के शाहजहांपुर में सुबह के समय हरियाणा बॉर्डर के पास किसानों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया। इसके बाद पुलिस ने बहरोड से वाहनों को डायवर्ट कर दिया। हाईवे पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग की। वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने रविवार को दिल्ली में किसान आंदोलन के संबंध में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने शाह को आंदोलन की मौजूदा स्थिति से भी अवगत कराया है।