रिक्त पड़ी संपत्तियों को 45 करोड़ में बेचकर जीडीए हुआ मालामाल

-जीडीए नीलामी में गोविंदपुरम और इंदिरापुरम की बेची गई 45 करोड़ की संपत्ति

गाजियाबाद। कुछ दिनों से आय में इजाफा करने के साधन ढूंढ रहे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को संजीवनी मिल गई है। रिक्त पड़ी संपत्तियों को नीलामी में बेच कर जीडीए मालामाल हो रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर शुक्रवार को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में सुबह 11 बजे से खुली बोली के तहत नीलामी का आयोजन किया गया। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रभारी चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह, ओएसडी कनिका कौशिक आदि अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में रात करीब साढ़े 9 बजे तक नीलामी आयोजित हुई।

जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि नीलामी में गोविंदपुरम योजना के 17 भूखंड करीब 21 करोड़ रुपए में बेचे गए। इसके अलावा इंदिरापुरम योजना के भूखंड व भवन मिलाकर करीब 45 करोड़ रुपए की संपत्तियां शुक्रवार को नीलामी में बेची गई। नीलामी के लिए 15 अगस्त से 17 सितंबर तक एचडीएफसी बैंक में आवेदन फार्म का विक्रय किया गया था। नीलामी में गोविंदपुरम योजना के ‘एचÓ-ब्लॉक के भूखण्ड संख्या ‘एच-517एÓ  हरिओम ने उच्चतम बोली 5.10 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से लगाई। वहीं,ए-ब्लॉक में भूखंड संख्या ए-71/02 संगीता रानी ने 1.44 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से लगाई। सीÓ-ब्लॉक में भूखंड संख्या सीपी-2,विशाल चौधरी  ने 2.21 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से बोली लगाई।

इसके बाद इंदिरापुरम योजना के भूखंडों की बोली शुरू की गई। इसमें एक भूखंड की 4.52 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से बोली लगाई गई। अपर सचिव ने बताया कि जिन संपत्तियों की शुक्रवार को नीलामी प्रक्रिया नहीं हो सकी,उन संपत्तियों की नीलामी आज यानि कि शनिवार को भी जीडीए सभागार में की जाएगी। नीलामी में कुल 190 संपत्तियां शामिल की गई थी। इस नीलामी में प्रतिभाग करने के लिए कुल 930 लोगों ने आवेदन किया था। सुबह 11 बजे से पहले ही लोग नीलामी में शामिल होने के लिए पहुंच गए। लोगों के बीच सबसे अधिक उत्साह आवासीय भूखंडों को खरीदने में नजर आया।

जैसे ही गोविंदपुरम के 17 आवासीय भूखंडों पर एक-एक कर बोली लगाई गई तो बोलीदारों के बीच खासा उत्साह नजर आया। बोलीदारों ने जमकर बोली लगाई। गोविंदपुरम के सभी 17 आवासीय भूखंड नीलामी में बेचे गए। इसके बाद इंदिरापुरम योजना के आवासीय भूखंड को खरीदने के लिए भी लोगों ने जमकर बोली लगाई। यह भूखंड 4.52 लाख रुपए वर्ग मीटर में बिका। जीडीए के अपर सचिव ने बताया कि गोविंदपुरम और इंदिरापुरम योजना के भूखंडों को मिलाकर जीडीए को नीलामी में बेचे गए भूखंडों से करीब 45 करोड़ रुपए की आय हुई हैं। इंदिरापुरम के भूखंडों पर बोली लगने के बाद इसे बंद कर दिया।