-संरक्षा प्रोटोकॉल को बढ़ाने और यात्रियों और रेल परिसंपत्तियों की संरक्षा के उच्चतर मानकों पर दिया बल
नई दिल्ली। उत्तर रेलवे की कार्य प्रगति को लेकर मंगलवार को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधुरी ने उत्तर रेलवे के विभागाध्यक्षों और मण्डल रेल प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की। बड़ौदा हाउस में आयोजित बैठक में संरक्षा प्रोटोकॉल को बढ़ाने और यात्रियों और रेल परिसंपत्तियों की संरक्षा के उच्चतर मानकों को सुनिश्चित करने पर बल दिया। समीक्षा बैठक में इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल, कर्मचारियों के प्रशिक्षण की पहल, अनुरक्षण शेड्यूलों और नई संरक्षा तकनीकों के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के निर्माण की विभिन्न महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा भी की और अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री चौधुरी ने कहा कि चल स्टॉक और लोकोमोटिव को अधिकतम सुचारु स्थिति में रखने से संरक्षा, दक्षता और रेल परिचालन की विश्वसनीयता बेहतर होती है।
सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए और ट्रैक, रोलिंग स्टॉक और सिग्नलिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। महाप्रबंधक ने सुगम रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए सुदृढ़ सिग्नल और इंटरलॉकिंग प्रणाली के महत्व पर बल दिया। उन्होंने रेल प्रणाली में सजग संरक्षा संस्कृति को अपग्रेड करने के लिए निरन्तर चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा, महाप्रबंधक ने विशेष रूप से मानसून सीजन के दौरान ट्रेन परिचालन की संरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उक्त मुद्दों की व्यापक समीक्षा से उत्तर रेलवे ने अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत किया।
















