-सूर्य देव और छठी मइया की आराधना में सराबोर हुआ गाजियाबाद, नगर निगम की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और लेजर शो ने बढ़ाया भक्तों का उत्साह
महापौर और नगर आयुक्त के नेतृत्व में 70 से अधिक घाटों पर पूजा-अर्चना का सफल आयोजन, लाखों श्रद्धालुओं ने किया व्रत आरंभ, भव्य लेजर और कैंडल शो बने आकर्षण का केंद्र
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। हिंडन छठ घाट पर सोमवार को छठ महापर्व का तीसरा दिन श्रद्धालुओं की भक्ति और आस्था से परिपूर्ण रहा। लाखों श्रद्धालु परिवार अपने घरों और सोसाइटी से निकलकर घाटों पर पहुंचे और विधिपूर्वक सूर्य देव और छठी मइया को अर्घ्य अर्पित किया। इस भव्य अवसर पर नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को निर्बाध और सुव्यवस्थित रखने के लिए हर संभव इंतजाम किए, ताकि श्रद्धालु पूरी शांति और भक्ति के साथ व्रत और पूजा-अर्चना कर सकें। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम ने हिंडन घाट सहित जिले के 70 से अधिक छठ घाटों को विशेष रूप से व्यवस्थित किया। घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए पानी, मोबाइल शौचालय, चेंजिंग रूम, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा टीम और अस्थायी लाइटें उपलब्ध कराई गईं। घाटों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल और नगर निगम के वॉच टावर लगाए गए।
नगर आयुक्त ने कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी घाटों की निगरानी करते हुए अधिकारियों को सतत निरीक्षण के निर्देश दिए। हिंडन घाट पर विशेष रूप से लेजर शो और कैंडल शो आयोजित किए गए, जिन्होंने छठ पर्व की धार्मिक महत्ता और सूर्य देव की आराधना की भव्यता को उजागर किया। श्रद्धालु इस आकर्षक लेजर शो और प्रकाश व्यवस्था का आनंद लेते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने में लीन रहे। पुरबिया जनकल्याण परिषद के सदस्यों ने नगर आयुक्त को पुष्पगुच्छ भेंट कर निगम की व्यवस्थाओं के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर नगर निगम अधिकारियों ने सभी घाटों पर सफाई व्यवस्था को अत्यंत प्राथमिकता दी। व्रत संपन्न होने के बाद भी हिंडन छठ घाट पूरी तरह से स्वच्छ और व्यवस्थित रहा। नगर आयुक्त ने टीम को निर्देश दिए कि वे हर समय घाटों पर सफाई, सुरक्षा और भक्तों की सुविधा पर नजर रखें। अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार,प्रभारी प्रकाश आश कुमार और अन्य टीम के अधिकारी पूरे आयोजन में मौजूद रहे। घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने बताया कि छठ महापर्व केवल सूर्य देव और छठी मइया की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में अनुशासन, एकता और संस्कृति की रक्षा का प्रतीक भी है। बच्चों और महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा-अर्चना की और परिवार सहित व्रत की विधियों का पालन किया। इससे घाट का वातावरण पूरी तरह भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
नगर निगम के मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी ने परिवार सहित छठी मइया का पूजन विधिपूर्वक किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ प्राकृतिक और सामाजिक चेतना का भी संदेश देता है। घाटों पर विशेष रूप से लगाए गए अस्थायी शौचालय, पानी के टैंकर, बैरिकेडिंग और सुरक्षा टीमें श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए थे। इस भव्य आयोजन में बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने घाट पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग किया। नगर निगम की ओर से आयोजित लेजर शो और कैंडल शो ने छठ पर्व को और भी भव्य बना दिया। उपस्थित लोग इसके आकर्षण और भक्ति भाव की प्रशंसा कर रहे थे।
नगर आयुक्त ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी गाजियाबाद नगर निगम की पूरी टीम ने घाटों की तैयारी पूरी कर ली है। घाटों की साफ-सफाई, लाइटिंग, सुरक्षा, पानी, चेंजिंग रूम और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पर्व के दौरान पर्यावरण का ध्यान रखते हुए प्लास्टिक और गैर-जरूरी सामग्री का उपयोग न करें और स्वच्छता बनाए रखें। हिंडन घाट पर इस बार करीब 25,000 श्रद्धालु एकत्रित हुए। सभी ने विधिपूर्वक सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर छठी मइया से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस भव्य आयोजन ने यह साबित किया कि छठ महापर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह समाज में एकता, अनुशासन और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक भी है।
घाट पर उपस्थित पुरबिया जनकल्याण परिषद की टीम और नगर निगम के अधिकारियों ने मिलकर सुनिश्चित किया कि पर्व की धार्मिक गरिमा और व्यवस्था में कोई बाधा न आए। ऐसे आयोजनों से यह संदेश जाता है कि आधुनिक व्यवस्थाओं और भक्ति भाव का संगम ही इस प्रकार के पर्वों को और भी भव्य और यादगार बनाता है। गाजियाबाद नगर निगम की पूरी टीम, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मिलकर इस महापर्व को सफल बनाने में जुटे रहे, और यह आयोजन पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भक्ति पूर्ण रहा।
चीफ इंजीनियर एनके चौधरी और हेमलता चौधरी ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर दिखाया भक्ति का भाव
गाजियाबाद। छठ पर्व के तीसरे दिन सोमवार को हिंडन छठ घाट पर भक्तों की आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सिर पर फल और फूलों से सजी डलिया, हाथों में जलती अखंड ज्योति और जुबां पर छठ मैया के भक्ति गीत, ऐसे दृश्य ने घाट के वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस दिन करीब पांच लाख श्रद्धालु डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाट पर एकत्र हुए।

इस अवसर पर नगर निगम के मुख्य अभियंता निर्माण एनके चौधरी अपनी धर्मपत्नी हेमलता चौधरी के साथ उपस्थित हुए और डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। एनके चौधरी और हेमलता चौधरी ने फल, पुष्प, नैवेद्य, धूप और दीप से सूर्य देव की पूजा की और बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उनके इस भक्ति भाव ने घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रेरित किया और माहौल को और भी पवित्र बना दिया। घाट पर लोगों ने अपने परिवार के साथ एकत्र होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की विधि का पालन किया। महिला श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पूजा-अर्चना की, वहीं बच्चों और बुजुर्गों ने भी भक्ति भाव से सम्मिलित होकर घाट को जीवंत बना दिया। नगर निगम की ओर से भी सभी व्यवस्थाएं पूरी की गई थीं। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश, पानी, मोबाइल शौचालय और सुरक्षा टीमों का विशेष इंतजाम किया गया था। कंट्रोल रूम के माध्यम से नगर आयुक्त एवं अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हिंडन छठ घाट पर आयोजित भव्य लेजर शो और कैंडल शो ने इस धार्मिक पर्व की भव्यता में चार चाँद लगा दिए। एनके चौधरी और हेमलता चौधरी ने भी इस कार्यक्रम का लाभ उठाकर अपनी भक्ति को और सार्वजनिक किया, जिससे अन्य श्रद्धालु भी प्रेरित हुए। श्रद्धालुओं ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की सराहना की और घाट पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग किया। एनके चौधरी और हेमलता चौधरी का यह दृष्य इस बात का प्रमाण था कि छठ पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर घाट पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर छठ मैया से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घाट पर उपस्थित लोगों ने हर्षोल्लास और भक्ति के साथ इस महापर्व को संपन्न किया।





















