-पहले चरण में 120 हेक्टेयर भूमि पर हरनंदीपुरम योजना होगी लॉन्च
-हापुड़ चुंगी पर 350 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर, जाम मुक्त शहर की दिशा में बड़ा कदम
-शहर के सात प्रमुख चौराहों का कायाकल्प, स्मार्ट मोबिलिटी प्लान तैयार
-तुलसी निकेतन रि-डेवलपमेंट में जर्जर मकानों की जगह नए फ्लैट
-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण की राह साफ, हटाई जाएंगी बाधाएं
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की नई टाउनशिप योजना हरनंदीपुरम अगले छह माह में पहले चरण के लिए लॉन्च हो जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बुधवार को शहरवासियों के लिए बड़े और महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का रोडमैप साझा किया। उन्होंने बताया कि शहर की यातायात समस्याओं और बढ़ती जनसंख्या के दबाव को देखते हुए जीडीए ने कई बड़े प्रोजेक्टों की रूपरेखा तैयार की है। इन योजनाओं में सबसे अहम है हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना, जो पहले चरण में लगभग 120 हेक्टेयर भूमि पर लॉन्च की जाएगी। उपाध्यक्ष कलाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारा उद्देश्य शहरवासियों को जाम-मुक्त, व्यवस्थित और आधुनिक गाजियाबाद प्रदान करना है। हरनंदीपुरम योजना के पहले चरण के तहत भूमि का अधिग्रहण पारदर्शी और किसान-अनुकूल तरीके से किया जा रहा है।
पहले चरण में 35 हेक्टेयर भूमि जीडीए के पक्ष में बैनामा के साथ सुनिश्चित हो चुका है, जबकि 85 हेक्टेयर भूमि पर किसानों से सहमति बनाई जा रही है। जैसे ही 120 हेक्टेयर भूमि पूरी तरह प्राप्त होगी, हम पहले फेज का लॉन्च करेंगे और इसके विकास में तेजी लाएंगे। नंद किशोर कलाल ने बताया कि हापुड़ चुंगी पर फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाएगा, जिसका अनुमानित खर्च लगभग 350 करोड़ रुपये होगा। इस फ्लाईओवर के बनने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाइवे-9 से आने-जाने वाले वाहनों को काफी राहत मिलेगी। फ्लाईओवर की दिशा संजय नगर सेक्टर-23 के एएलटी सेंटर से हापुड़ चुंगी होते हुए कविनगर थाने तक होगी। उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सेतु निगम के साथ एमओयू जल्द ही साइन किया जाएगा।
उपाध्यक्ष ने बताया हापुड़ चुंगी के अलावा राजनगर एक्सटेंशन में जीडी गोयनका स्कूल से मेरठ रोड फ्लाईओवर तक लगभग चार किलोमीटर लंबाई वाला फ्लाईओवर भी बनेगा, जिसका अनुमानित खर्च 400 करोड़ रुपये है। तीसरा फ्लाईओवर चौधरी मोड़ पर जीटी रोड पर बनाया जाएगा, जो भाटिया मोड़ से घंटाघर की तरफ जाएगा। ये सभी फ्लाईओवर शहर को जाम-मुक्त बनाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे। उपाध्यक्ष ने कहा हमारा लक्ष्य है कि शहरवासियों को जाम-मुक्त, सुरक्षित और आधुनिक गाजियाबाद प्रदान किया जाए। हरनंदीपुरम योजना, फ्लाईओवर, सात चौराहों का कायाकल्प और तुलसी निकेतन कॉलोनी का रि-डेवलपमेंट शहर को नया रूप देगा। इन पहलों से न केवल यातायात में सुधार होगा, बल्कि शहर की वास्तविक संरचना और आवासीय वातावरण भी बेहतर होगा। नागरिकों का सहयोग और पारदर्शिता इस प्रक्रिया की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान प्राधिकरण सचिव राजेश कुमार सिंह, मीडिया प्रवक्ता रुद्रेश शुक्ला सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
शहर के सात प्रमुख चौराहों का कायाकल्प और स्मार्ट मोबिलिटी प्लान
नंद किशोर कलाल ने बताया कि शहर में जाम प्रबंधन और यातायात सुगमता के लिए स्मार्ट मोबिलिटी प्लान तैयार किया जा रहा है। इसे सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) पांच महीने में तैयार करेगा। इस योजना के तहत शहर के सात प्रमुख चौराहों और जाम प्वाइंट पर विशेष कार्य किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने कहा हम पहले चरण में हापुड़ तिराहा (ठाकुरद्वारा तिराहा), हापुड़ चुंगी, प्रताप विहार डीपीएस चौक, राजनगर एक्सटेंशन अजनारा इंटिग्रिटी, आशियाना चौक, मधुबन-बापूधाम रोटरी और बुनकर मार्ट चौक पर सुधार करेंगे। इन चौराहों को आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने के साथ-साथ जाम प्वाइंट पर कम खर्च में डिजाइन सुधार करके जाम-फ्री किया जाएगा। सीआरआरआई की मदद से यह कायाकल्प आधुनिक तकनीक और डिजाइन मानकों के अनुसार किया जाएगा।
तुलसी निकेतन कॉलोनी में नए फ्लैट्स, हर निवासियों को मिलेगा लाभ
जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि तुलसी निकेतन कॉलोनी का जीडीए द्वारा रि-डेवलपमेंट कराया जा रहा है। इसके तहत एनबीसीसी इंडिया के साथ एमओयू साइन हो चुका है। उन्होंने बताया तुलसी निकेतन योजना में रहने वाले सभी निवासियों को जर्जर मकानों की जगह नए फ्लैट्स मिलेंगे। जिनके मकानों के दस्तावेज़ नहीं होंगे, उनके लिए बोर्ड बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इस योजना से न केवल निवासियों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि कॉलोनी का आधुनिक और सुरक्षित आवासीय वातावरण भी सुनिश्चित होगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में बाधाओं का निराकरण
नंद किशोर कलाल ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण बाधा-मुक्त कराने पर भी काम जारी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और अब स्टेडियम निर्माण मार्ग स्पष्ट हो चुका है। स्टेडियम बनने से गाजियाबाद का खेल और मनोरंजन क्षेत्र भी विकसित होगा।
किसानों और नागरिकों के लिए पारदर्शी प्रक्रिया
नंद किशोर कलाल ने कहा कि हरनंदीपुरम टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण पारदर्शी और किसानों-अनुकूल तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों से संवाद के लिए एक समर्पित वेबसाइट लॉन्च की गई है। इसके अलावा, सेटेलाइट सर्वे और टोपोग्राफिकल सर्वे के माध्यम से प्रथम चरण का लेआउट अगले चार-पांच महीनों में तैयार किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी प्रक्रिया खुली, साफ और निष्पक्ष हो। इसके अलावा नागरिकों को भूमि विकास की प्रगति से लगातार अवगत कराया जाएगा। नंद किशोर कलाल ने अंत में यह भी कहा कि आने वाले छह महीनों में इन सभी परियोजनाओं की प्रगति जनता के लिए नजर आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष तक शहर में जाम मुक्त वातावरण, स्मार्ट चौराहे और आधुनिक टाउनशिप का अनुभव सभी नागरिकों को मिलेगा।

















