पार्किंग माफिया प्रति वर्ष नगर निगम को करोड़ों रुपये का चूना लगाते थे। लेकिन नगर आयुक्त ने इस बार ऐसा हंटर चलाया कि पार्किंग माफिया चारो खाने चित हो गये। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की सख्ती का ही असर है कि जहां पिछले साल नगर निगम को पार्किंग शुल्क से महज 24 लाख रुपये मिले थे वह इस साल बढ़कर 5 करोड़ रुपये को पार कर जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों से पार्किंग शुल्क के रूप में नगर निगम को सिर्फ 21 लाख रुपये मिलते थे वहीं इस वर्ष चार जोन से अब तक 2 करोड़ 34 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं और मोहन नगर जोन से लगभग 1 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। आमदनी बढ़ाने के साथ नगर निगम को माफिया के शिकंजे से मुक्त कराने की नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की रणनीति रंग लाती दिखाई दे रही है। विज्ञापन माफिया के बाद नगर आयुक्त ने पार्किंग माफिया पर जोरदार हंटर चलाया है। नगर आयुक्त के इस हंटर का असर है कि पार्किंग माफिया पस्त नजर आ रहे हैं। पहले जहां पार्किंग माफिया पार्किंग की बोली नहीं लगने देते थे वह अब बगले झांकने को मजबूर हो रहे हैं। नगर आयुक्त की सख्ती का असर है कि नगर निगम का खजाना भर रहा है। पार्किंग शुल्क से अब तक 3 करोड़ 19 लाख रुपये की प्राप्ति हो चुकी है और अभी मोहन नगर जोन सहित 10 स्थानों का टेंडर होना बाकी है। अनुमानित रूप से इन स्थानों से पार्किंग शुल्क के रूप में 2 करोड़ रुपये से अधिक मिलने की उम्मीद है। ऐसे में इस वर्ष नगर निगम को पार्किंग शुल्क में 5 करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे। जबकि पिछले वर्ष नगर निगम को सिर्फ 24 लाख रुपये पार्किंग शुल्क के रूप में मिले थे। ऐसे में पार्किंग वसूली में इस वर्ष गाजियाबाद नगर निगम ने एक रिकार्ड बनाया है।
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पार्किंग के ठेकों को माफिया से मुक्त कराकर नगर निगम का राजस्व बढ़ाने की जो कवायद शुरू की गई उसी का असर है कि इस बार खुली बोली में ठेकेदारों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। पहले पांचों जोन में पार्किंग के लिए एक ही ठेका होता था। लेकिन इस बार अलग-अलग जोन एवं स्थानों के लिए अलग-अलग ठेका छोड़ा गया है। इससे नगर निगम की आय में कई गुना की बढ़ोतरी हुई। पहले पार्किंग माफिया खुली बोली में बोलीदाता को हिस्सा नहीं लेने देते थे और मनमानी बोली में ही ठेका हासिल कर लेते थे। माफिया इस दौरान शक्ति प्रदर्शन भी करते थे। ऐसे में डर की वजह से बोलीदाता खुली बोली नहीं लगाते थे। माफिया के शिकंजे के तोड़ने के लिए नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने प्लानिंग के तहत खुली बोली के साथ ऑनलाइन टेंडर डालने का प्रावधान किया। निगम अधिकारियों की एक कमेटी बनाई और टेंडर के दिन किसी भी बोली दाता को बोली लगाने से रोकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसका नतीजा रहा कि बोलीदाताओं ने पार्किंग स्थलों के लिए उच्चतम दरों पर बोली लगाई। नगर आयुक्त की सख्ती के आगे माफिया बौने और बेबस नजर आ रहे हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नगर निगम के राजस्व में भरपूर इजाफा हो रहा है।
औद्योगिक क्षेत्रों से मिले 2 करोड़ 34 लाख
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एवं पार्किंग प्रभारी डा. संजीव सिन्हा ने बताया कि नगर निगम ने वसुंधरा जोन में साहिबाबाद साईट-4 औद्योगिक क्षेत्र, सिटी जोन में मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र, विजयनगर जोन में औद्योगिक क्षेत्र, कविनगर जोन में कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में अलग-अलग पार्किंग ठेका छोड़ा है। इन स्थानों से पार्किंग शुल्क के रूप में नगर निगम को लगभग 2 करोड़ 34 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। मोहन नगर जोन स्थित औद्योगिक क्षेत्र का टेंडर अभी नहीं हुआ है। इसका बेस प्राइस 78 लाख रुपये रखा गया है और उम्मीद है कि यहां से भी पार्किंग शुल्क के रूप में एक करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। जबकि पहले पांचों जोन में महज 21 लाख रुपए पार्किंग के ठेके से मिलते थे।
इन स्थानों पर छोड़े गये पार्किंग ठेके
वैशाली आरके टावर, मोहन नगर स्थित मीटा कंपनी से वर्ल्ड स्क्वायर मॉल तक, रमते राम रोड शॉपिंग कॉप्लेक्स, गौड़ मॉल के सामने, आपुलेंट मॉल के बाहर, तुलसी निकेतन भौपूरा, मदर डेयरी तहसील कंपाउंड, पुरानी सब्जी मंडी, आरटीओ कार्यालय के बाहर, गौड़ मॉल के गेट के सामने, कविनगर औद्योगिक क्षेत्र, विजय नगर स्थित औद्योगिक क्षेत्र, मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4।
इन स्थानों के लिए अभी लगेगी बोली
श्रीकृष्ण वाटिका वैशाली सेक्टर-3, अराधना सिनेमा से अप्सरा बार्डर तक टैंपो पार्किंग, मोहन नगर सरदार पटेल संस्थान के बराबर में सड़क के दोनों तरफ, शिवा टावर के बाहर, नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल के बाहर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के बाहर, सरस्वती शिशु मंदिर क्रीड़ा स्थल, नवयुग मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक व इलाहाबाद बैंक के बाहर, नवयुग मार्केट स्थित पोस्ट आॅफिस एवं स्टेट बैंक, मोहन नगर जोन औद्योगिक क्षेत्र।
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वाहनों के लिए शुल्क निर्धारित
पार्किंग ठेका हासिल करने के बाद ठेकेदार मनमानी ना करे और अधिक शुल्क ना ले। इसको लेकर भी नगर निगम ने नियम और पार्किंग की दर निर्धारित कर दी है। पार्किंग में वाहनों के खड़ा करने के लिए साइकिल से 5 रुपए, दोपहिया वाहन खड़े करने पर 10 रुपए और चार पहिया वाहन की पार्किंग पर 20 रुपए शुल्क वसूला जाएगा। छह टायर वाहन का पार्किंग शुल्क 60 रुपए और छह से अधिक टायर वाले वाहनों का पार्किंग शुल्क 100 रुपए निर्धारित किया गया है।

नगर निगम का हित सर्वोपरि है। किसी को भी मनमानी करने की छूट नहीं मिलेगी। पार्किंग के ठेके खुली बोली और ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत दिये गये हैं। सभी को भयमुक्त वातावरण में टेंडर डालने और बोली लगाने का अवसर मिले। ऐसा प्रावधान किया गया। नगर निगम की आमदनी में किस तरह से बढ़ोत्तरी हो इस पर फोकस किया जा रहा है। अलग-अलग श्रोतों से आमदनी बढ़ाने पर ही नगर निगम की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। गाजियाबाद नगर निगम को स्वाबलंबी बनाने के लिए उसे आर्थिक रूप से मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। जिन स्थानों पर पार्किंग ठेके अभी नहीं छोड़े गये हैं। वहां भी जल्द ही ऑनलाइन और खुली बोली प्रक्रिया के तहत ठेका दिया जाएगा।
महेंद्र सिंह तंवर
नगर आयुक्त
गाजियाबाद।
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