– महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए थाना पुलिस द्वारा की पहल
राहुल सिंह ( उदय भूमि ब्यूरो )
धौलाना। अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस बच्चों से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कस्बा धौलाना निवासी व एम ए की होनहार छात्रा यशिका शर्मा को धौलाना कोतवाल ने अपनी कुर्सी सौंप कर एक दिन का थानेदार बना दिया। इसके बाद कुर्सी में बिठा कर प्रभारी निरीक्षक के कार्यों व कर्तव्यों के बारे में बताया। यशिका शर्मा ने एक दिवसीय थानाध्यक्ष बनकर आम लोगों की फरियाद सुनी और पुलिस कर्मियों को उस पर अमल के आदेश भी । दरअसल महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए थाना की पुलिस द्वारा की गई पहल के तहत बच्ची को एक दिन के लिए थाना का प्रभार सौंपा गया।
यशिका शर्मा ने कार्य दिवस के दौरान थाना पर आए शिकायतकर्ता की समस्याओ को सुनकर उनका निराकरण किया तथा थाने के हवालात,रिकार्ड रुम व प्रशासनिक भवन का भी निरीक्षण किया गया। थाने के रिकॉर्ड रूम के साथ साथ शस्त्र गृह और फरियादियों की समस्या को सुना और जल्द ही समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। थाना पहुंचने वाली महिलाओं को प्रदेश सरकार कि महत्त्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति की जानकारी देते हुए बताया कि वह अपनी सुरक्षा कैसे कर सकती हैं और समस्या होने पर पुलिस में कैसे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
कार्यवाहक थानाध्यक्ष ने क्षेत्र में निकल कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बस स्टैंड पर शराब के ठेकों पर पहुंच कर? शराब की बोतलों का अवलोकन किया। एक दिन की कार्यवाहक थानाध्यक्ष बनी यशिका शर्मा एम ए प्रथम वर्ष की छात्रा है। यशिका ने कहा की मुझे बहुत ही अच्छा लगा की एक दिन की इंस्पेक्टर बनाया गया। आज मैंने थाने में सभी को समय पर ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए। थाने में कामकाज का जायजा लिया और जो फ़रियादी आये उनकी समस्या को सुना।पुलिस की कार्यशैली ने मुझे प्रभावित किया।सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक कार्यवाहक थानाध्यक्ष बनी यशिका ने दिन भर अपने तरीके से थाना पहुंचे शिकायत कर्त्ताओं को सुनकर उनके मामले दर्ज कराए। इस दौरान महिला उपनिरीक्षक एवं मिशन शक्ति की प्रभारी रजनी वर्मा उप निरीक्षक मनु सक्सैना ,हमराह राजेश ,चालक राहुल साथ रहे।
20 नवंबर अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है
क्षेत्राधिकारी पिलखुवा डॉ तेजवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की आज यशिका शर्मा को कार्यवाहक थाना प्रभारी बनाया गया था। डॉ तेजवीर सिंह ने बताया कि 20 नवंबर अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि आज ही के दिन 1959 में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा (जनरल असेंबली) ने बाल अधिकारों की घोषणा की थी।
वयस्कों से अलग बच्चों के अधिकारों को बाल अधिकार कहा जाता है। बाल अधिकारों को चार अलग-अलग भांगों में बांटा गया है..जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार और विकास का अधिकार।
पीडि़तों को पुलिस के पास आना होगा
थाना प्रभारी बनी यशिका शर्मा ने बताया कि सुबह आठ बजे जैसे ही एक दिन की कोतवाल बन उसे धौलाना थाना का चार्ज दिया गया तो वह इस प्रक्रिया को औपचारिकता के रुप में समझकर सीट पर बैठी ही थी कि लोकडाउन के दौरान का एक दंपत्ति के विवाह का मामला सामने आया पीडि़ता ने थाना पहुंची पीडि़ता ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उसकी शादी हुई थी उस दौरान दहेज संबंधी कोई मांग नहीं की गई थी। अब पति वह उसके सुसराल वाले दहेज को लेकर उसे प्रताडि़त कर रहे हैं।
पीडि़ता ने बताया कि वह अपने वैवाहिक जीवन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य थाना पहुंची है इस मामले में यशिका ने पति पत्नी के बीच काउंसलिंग कर विवाद को सुलझाने का भरोसा दिलाया। कुछ देर उपरांत जमीनी विवाद के मामले में एक महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई की गई वहीं अस्पताल के सामने चाय का खोखा हटाने को लेकर पीडि़ता थाने पहुंची शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए गांव देहरा से एक परिवार 5 दिन पूर्व अपनी लापता बेटी की शिकायत लेकर आना पहुंचा तो यशिका ने परिजनों की तहरीर पर गुमशुदगी लिखाई।
दहेज की समस्या को लेकर उत्पीडऩ का मामला संज्ञान में आने पर आरोपी पक्ष के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई गई गांव बासतपुर निवासी महिला नशेड़ी पति द्वारा मारपीट के शिकायत लेकर थाने पहुंचे जिस पर यशिका शर्मा ने आरोपी पति को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। कोतवाल बनी यशिका शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की मिशन शक्ति योजना महिलाओं के लिए बहुत ही कारगर है लेकिन पीडि़त महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए अब थाना आने की जरूरत नहीं है। हेल्पलाइन नंबर 1090 पर संपर्क साध कर अवगत कराया जा सकता है यशिका का मानना है कि महिला समाज तभी जागरूक होगा जब वह अपने अधिकारों के लिए मु_ी बांध कर खड़ा हो और शिकायत करने से पीछे ना हटे पुलिस किसी के घर-घर जाकर शिकायत नहीं ढूंढ सकती इसके लिए पीडि़तों को पुलिस के पास आना होगा।
















