नेहरू वर्ल्ड स्कूल में ‘अर्ली इयर्स’ सांस्कृतिक उत्सव का भव्य आयोजन

-अतुल्य भारत थीम पर 303 नन्हें-मुन्नों की प्रस्तुतियों ने बिखेरी भारतीय संस्कृति की छटा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल प्रांगण में शनिवार को अर्ली इयर्स वार्षिकोत्सव का आयोजन उत्साह, उल्लास और गरिमामय माहौल में किया गया। समारोह में लगभग 303 नन्हें छात्र-छात्राओं ने मंच पर अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय देते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया। नन्हें कलाकारों की मासूम अदाओं, पारंपरिक वेशभूषा और ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजा दिया।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम अतुल्य भारत रखी गई थी, जिसके अंतर्गत बच्चों ने भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया। कभी मंच पर राजस्थानी लोकधुनों पर थिरकते नन्हें कलाकार दिखे, तो कभी गुजराती गरबा की छटा ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पंजाब का जोशीला भांगड़ा और गिद्धा जब मंच पर प्रस्तुत हुआ तो तालियों की गडग़ड़ाहट थमने का नाम ही नहीं ले रही थी।

इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि भारत की संस्कृति जितनी विविध है उतनी ही अद्वितीय और समृद्ध भी है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. वैभव जोशी एवं डॉ. अमिता गोविल रहे। उन्होंने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करना बेहद प्रेरणादायक है। समारोह का प्रारंभ कक्षा पाँच के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक रिपोर्ट से हुआ, जिसमें वर्ष 2024-25 की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। इस रिपोर्ट में विद्यालय की प्रगति और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की झलक ने अभिभावकों को गर्वित कर दिया।

विद्यालय की एक्जीक्यूटिव हेड सुजैन होम्स ने कहा कि ये नन्हें छात्र हमारा भविष्य हैं। ऐसे समारोह उनके आत्मविश्वास और सहयोग की भावना को विकसित करने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ते हैं। ‘अर्ली इयर्स’ की प्रधानाचार्या सुश्री पारुल सिंधवानी ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि इन बच्चों की हर प्रस्तुति के पीछे उनका अथक परिश्रम और माता-पिता व शिक्षकों का योगदान है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के डायरेक्टर डा. अरुणाम सिंह ने कहा कि नन्हें छात्रों का आत्मविश्वास और ऊर्जा वास्तव में प्रशंसनीय है। हम अभिभावकों के आभारी हैं कि उन्होंने विद्यालय पर विश्वास किया और बच्चों की शिक्षा व संस्कारों के लिए निरंतर हमारा सहयोग किया। यह विश्वास ही हमें निरंतर कुछ नया और बेहतर करने की प्रेरणा देता है। समारोह में उपस्थित अभिभावकों ने कहा कि बच्चों ने जिस आत्मविश्वास और उत्साह के साथ भारत की संस्कृति का मंचन किया, वह अद्वितीय है। छोटे बच्चों के अभिनय और नृत्य में झलकता अनुशासन और समर्पण भविष्य के उज्जवल भारत की झलक प्रस्तुत करता है।