• जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की सख्ती के बाद तकनीक के सहारे अवैध कॉलोनियों पर कसेगा शिकंजा, इंजीनियरों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सैटेलाइट इमेजिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लेने जा रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की ओर से जारी सख्त निर्देशों के बाद जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसके तहत मोदीनगर क्षेत्र में सबसे पहले यह तकनीकी अभियान शुरू किया जाएगा। मंगलवार को जीडीए सभागार में प्रवर्तन जोन-1 और जोन-2 के अभियंताओं, सुपरवाइजरों और तकनीकी टीम को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार की देखरेख में जिओमैट्रिक्स कंपनी के सहयोग से एआई-आधारित निगरानी प्रणाली की जानकारी दी गई। यह तकनीक सैटेलाइट इमेजेज का विश्लेषण कर जमीन पर निरीक्षण से पहले ही अवैध निर्माण की सटीक पहचान करने में सक्षम है। जीडीए उपाध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि अवैध निर्माण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान की शुरुआत मोदीनगर से होगी और फिर इसे पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
पहले चरण में मोदीनगर-मुरादनगर और राजनगर एक्सटेंशन
जीडीए ने पहले चरण में मोदीनगर, मुरादनगर और राजनगर एक्सटेंशन को चिन्हित किया है। सबसे पहले मोदीनगर में ्रढ्ढ से पहचाने गए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी। अवर अभियंताओं को इन मामलों में त्वरित और ठोस कार्यवाही के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैसे काम करेगी यह तकनीक
• सैटेलाइट इमेजिंग से लिए गए डेटा का विश्लेषण
• एआई के माध्यम से संदिग्ध निर्माणों की पहचान
• मौके पर निरीक्षण से पहले डिटेल रिपोर्ट तैयार
• त्वरित विध्वंस की कार्रवाई
कार्रवाई होगी पारदर्शी और सटीक
जीडीए अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीकी तरीका कार्रवाई को न सिर्फ तेज बनाएगा, बल्कि इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी। जमीन पर निरीक्षण और रिपोर्टिंग के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात की संभावना इस तकनीक से समाप्त हो जाएगी।

जीडीए उपाध्यक्ष
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण शहर में अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए तकनीक का सहारा ले रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट इमेजिंग जैसी अत्याधुनिक प्रणाली से अब अवैध निर्माण की समय से पहले पहचान संभव होगी, जिससे त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की जा सकेगी। हमारी प्राथमिकता है कि गाजियाबाद को सुव्यवस्थित और नियोजित विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जाए। इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अतुल वत्स
जीडीए उपाध्यक्ष

















