कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता सफलता की कुंजी: दीपक मीणा

-जिला पोषण व निगरानी समिति की उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न
-स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के साथ टीकाकरण, पोषण व सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के दिए निर्देश
-प्रत्येक बुधवार और शनिवार को होगी वर्चुअल समीक्षा बैठक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं के सुचारु संचालन को लेकर मंगलवार को महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति एवं निगरानी समिति की अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण भाव से ही जनकल्याणकारी योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पीपीटी के माध्यम से पोषण अभियान, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी से ही योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से लागू किया जा सकता है।

उन्होंने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई व्यवस्था, स्टॉक की उपलब्धता, उपकरणों का रखरखाव, आवश्यक दवाओं की पूर्ति, स्टाफ उपस्थिति और रजिस्ट्रों के अद्यतन रख-रखाव पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह देखा गया है कि कई अस्पतालों और कार्यालयों में नियमित निगरानी की कमी के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित होता है। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी या सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में सभी एमओआईसी (चिकित्सा अधिकारी प्रभार) के साथ प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को ज़ूम मीटिंग आयोजित करने का निर्देश दिया, जिसमें वे अपने क्षेत्र की टीकाकरण और पोषण सेवाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

डीएम ने कहा कि वे जनता के हित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें, ताकि सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन, जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता सहित नगर निगम, नगर पालिका परिषद, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित रहे।