श्रावण शिवरात्रि पर दूधेश्वरधाम में भक्ति का महासागर, लाखों शिवभक्तों की आस्था ने रच दिया ऐतिहासिक आयोजन

• सावन की फुहारों में शिवमय हुआ गाजियाबाद, दूधेश्वरनाथ के जयकारों से गूंजा नगर
• लाखों शिवभक्तों और कांवडिय़ों ने किया जलाभिषेक, बारिश भी न रोक सकी आस्था की बाढ़
• भगवान दूधेश्वर की कृपा से पूर्ण होंगी भक्तों की सभी मनोकामनाएं: महंत नारायण गिरि
• प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था और मंदिर समिति की सेवा भावना ने रचा अनुकरणीय उदाहरण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में श्रावण शिवरात्रि के पावन अवसर पर बुधवार को भक्ति, श्रद्धा और आस्था की अनूठी मिसाल पेश की गई। देशभर से आए लाखों शिवभक्तों और कांवडिय़ों ने मंदिर प्रांगण में भगवान दूधेश्वरनाथ का जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भीषण बारिश और भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही और गाजियाबाद पूरी तरह दूधेश्वरमय हो उठा। रात 12 बजे से ही जलाभिषेक का सिलसिला आरंभ हो गया था। महंत श्री नारायण गिरि महाराज ने सर्वप्रथम विधिवत पूजन और जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं, नवग्रहों, सिद्धगुरु मूर्तियों और गौमाता की पूजा भी सम्पन्न हुई। हरिद्वार, ऋषिकेश, नीलकंठ और गंगोत्री से लाए पवित्र गंगाजल से शिवभक्तों ने भगवान दूधेश्वरनाथ का अभिषेक किया। कांवडिय़ों और श्रद्धालुओं की कतारें शहर की मुख्य सड़कों तक फैल गई थीं, लेकिन प्रशासन और मंदिर समिति की व्यवस्थाओं के चलते किसी को कोई परेशानी नहीं हुई।

मंदिर के 500 से अधिक स्वयंसेवक सेवा में जुटे रहे। इस बार की श्रावण शिवरात्रि को और भी विशेष बनाते हुए सर्वार्थ सिद्धि योग, गजकेसरी योग, नवपंचम योग और बुधवारी शिवरात्रि का शुभ संयोग बना, जिससे भक्तों को अतिश्रेष्ठ पुण्य फल की प्राप्ति हुई। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि श्रावण शिवरात्रि पर दूधेश्वरनाथ की कृपा से समस्त दुखों का नाश होता है और जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है। इस पावन अवसर पर शहर विधायक संजीव शर्मा, पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर, पूर्व महापौर आशा शर्मा, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, प्रशांत चौधरी, विजय मोहन, लालचंद शर्मा, बलप्रीत सिंह सहित कई गणमान्य नागरिकों व संतों ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना व जलाभिषेक किया।

मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने अतिथियों का स्वागत किया। महाराजश्री और मंदिर समिति द्वारा श्रावण शिवरात्रि के ऐतिहासिक आयोजन में सहयोग देने वाले पत्रकारों का विशेष रूप से स्वागत किया गया। उन्हें माला, पटका व प्रसाद देकर सम्मानित किया गया। श्रावण शिवरात्रि 2025 का आयोजन न केवल भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव बना, बल्कि गाजियाबाद के धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हो गया। श्रद्धा, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।

धार्मिक अनुष्ठानों और श्रृंगार से हुआ भक्ति का चरमोत्कर्ष
मंदिर में आठ प्रहर की विशेष पूजा, रूद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक, पंचामृत स्नान और बेलपत्र अर्पण किया गया। आचार्य तयोराज उपाध्याय, अनिल पाढ़ी, लक्ष्मीकांत पाढ़ी सहित अन्य ब्राह्मणों ने विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराए। श्रृंगार समिति के विजय मित्तल द्वारा किए गए मनोहारी श्रृंगार से भक्तों को आत्मिक आनंद की अनुभूति हुई।

धर्मध्वजा स्थापना व जलहरी हटाने की परंपरा का हुआ पालन
महाराजश्री की प्रेरणा से शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट पर धर्मध्वजा की स्थापना की गई। साथ ही जलहरी को 6 माह के लिए हटाया गया, जिसकी पुन: स्थापना आगामी महाशिवरात्रि पर की जाएगी।

सेवा का अनुपम संगम: प्रशासन, मंदिर समिति और स्वयंसेवकों का अनुकरणीय समन्वय
पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ और जिलाधिकारी दीपक मीणा ने रात में स्वयं मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस बल और मंदिर समिति ने संयुक्त प्रयासों से स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता, जल सेवा, चिकित्सा व प्रसाद वितरण जैसी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित कीं। कांवड़ शिविरों में श्रद्धालुओं के ठहरने व सेवा के लिए शानदार प्रबंध रहे।