-ओटीएस योजना पर जीडीए का फोकस, बकायेदारों को राहत देने के लिए तेज हुआ अभियान
-जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 28 मार्च तक मांगी प्रारंभिक रिपोर्ट
-प्रचार-प्रसार बढ़ाने के लिए ई-मेल, एसएमएस, शिविर और होर्डिंग का लिया जाएगा सहारा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा बकायेदार आवंटियों को राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को प्रभावी बनाने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। सोमवार को जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके। बैठक में उपाध्यक्ष ने कहा कि ओटीएस योजना के तहत बकायेदारों को ब्याज में छूट का लाभ दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी लंबित देनदारियों का निस्तारण आसानी से कर सकें। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी अपनी-अपनी योजनाओं में लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर पात्र आवंटियों तक योजना की जानकारी पहुंचाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
उपाध्यक्ष ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार योजना का प्रचार-प्रसार एक माह के भीतर व्यापक स्तर पर किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए ई-मेल, एसएमएस, पत्राचार, शिविरों का आयोजन, होर्डिंग और बैनर जैसे विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 28 मार्च तक योजना के प्रचार-प्रसार से संबंधित प्रारंभिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद 4 अप्रैल, 11 अप्रैल और 18 अप्रैल को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना के तहत किए गए सभी प्रयासों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे योजना की प्रगति का मूल्यांकन प्रभावी ढंग से किया जा सके। जिलाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे इस योजना के सफल क्रियान्वयन में समन्वय स्थापित करते हुए सक्रिय भूमिका निभाएं।
इसी बैठक में प्रदेश सरकार की इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005/2014 के अंतर्गत बिल्डरों द्वारा प्रस्तुत संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर भी चर्चा की गई। जीडीए सभागार में आयोजित इस प्रस्तुतीकरण में बिल्डरों ने अपने-अपने समूह आवासीय परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित संशोधन और विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने प्रस्तुत डीपीआर का गहन परीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं शासन द्वारा निर्धारित नीतियों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संचालित की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, सीएटीपी अरविंद कुमार, टीपी राजीव रत्न शाह, एई दीप्ति चौहान सहित अन्य अधिकारी और बिल्डर उपस्थित रहे।
सभी ने परियोजनाओं को शीघ्र गति देने और विकास कार्यों को समय पर पूरा करने का भरोसा दिया। उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि संशोधित डीपीआर के आधार पर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे संबंधित क्षेत्रों का समुचित विकास सुनिश्चित हो सके। साथ ही आमजन को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जीडीए की प्राथमिकता है। इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से जहां एक ओर बकायेदारों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर विकास प्राधिकरण की राजस्व वसूली भी सुदृढ़ होगी। जीडीए का यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि शहर के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित होगा।
















