पुलिस ने रातों-रात हटवा दी प्रचार सामग्री
गाजियाबाद। मुरादनगर श्मशान घाट हादसे के बाद से विवादों में घिरे नगर पालिका परिषद मुरादनगर के चेयरमैन विकास तेवतिया के प्रति बेशक सरकारी मशीनरी और भाजपा का लचीला रूख हो, मगर जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आ रहा है। मुरादनगर में शनिवार की रात जगह-जगह विकास तेवतिया के खिलाफ होर्डिंग्स और बैनर लगा दिए गए थे। जिनमें तेवतिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की पुरजोर मांग की गई थी। हालाकि सूचना मिलने पर पुलिस ने सभी होर्डिंग्स और बैनर आनन-फानन में हटवा दिए। इस कार्रवाई के लिए भी पुलिस पर दवाब होने की चर्चाएं आम हैं। मुरादनगर के उखलारसी श्मशान घाट में गत 3 जनवरी को ह्दयविदारक हादसे में 24 नागरिकों की जान चली गई थी। नवनिर्मित भवन की छत भरभरा कर गिरने से यह जानलेवा हादसा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हादसे के बाद से नगर पालिका परिषद के चेयरमैन विकास तेवतिया पर भी कार्रवाई की मांग हो रही है, लेकिन पुलिस-प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। भाजपा भी इस मामले में असहज नजर आ रही है। ऐसे में जनता का गुस्सा निरंतर बढ़ रहा है। मुरादनगर में शनिवार की रात कुछ स्थानों पर चेयरमैन के खिलाफ होर्डिंग्स एवं बैनर तक लगा दिए गए थे। जिनमें जरिए चेयरमैन के खिलाफ जांच कर उन्हें गिरफ्तार करने और नगर पालिका में कमीशनखोरी को बंद कराने की मांग की गई थी। इन होर्डिंग्स और बैनर की जानकारी मिलने पर पुलिस एकाएक सक्रिय हो गई थी। पुलिस ने चेयरमैन के खिलाफ लगे होर्डिंग्स एवं बैनर को हटवाने में देर नहीं की। इसके पीछे पुलिस ने माहौल खराब होने का हवाला दे डाला। हालाकि चर्चा है कि राजनीतिक दवाब में आकर पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। विपक्षी दल भी चेयरमैन के खिलाफ हल्ला बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
















