वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्थिति की समीक्षा
नई दिल्ली। देश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) का प्रकोप फिर बढ़ रहा है। दिल्ली, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में स्थिति चिंताजनक हो रही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 राज्यों के साथ कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की है। पीएम ने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना के खिलाफ गंभीरता से लड़ाई लडऩे का आह्वान किया। देश में कोरोना पॉजिटिव केस की कुल संख्या 91 लाख से ज्यादा हो चुकी है। दीपावली पर्व के बाद से कोरोना का प्रकोप एकाएक बढऩे लगा हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक में इन राज्यों में कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा की गई। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन कब आएगी, यह हम तय नहीं कर सकते हैं। हमारे वैज्ञानिक यह तय करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वैक्सीन पर बेवजह की राजनीति कर रहे हैं। उन्हें राजनीति करने से रोकना मेरे हाथ में नहीं है। समीक्षा बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री ने मौजूदा कोरोना वायरस के हालात से पीएम मोदी को अवगत कराया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए सबसे ज्यादा प्रदूषण जिम्मेदार है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि पड़ोसी राज्यों में पराली जलने के कारण होने वाले प्रदूषण से निजात पाई जा सके। इसके अलावा केंद्र सरकार के अस्पतालों में अतिरिक्त एक हजार आईसीयू बेड मरीजों हेतु आरक्षित करने का अनुरोध किया। बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के साथ निरंतर संपर्क में हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स वैक्सीन आने के बाद उसके समय पर वितरण को सुनिश्चित करेगी।
















