बोले, अडानी-अंबानी कृषि क़ानून रद्द करने होंगे
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन जारी है। नाराज किसानों ने मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया है। इसके लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। किसान आंदोलन पर सियायत भी गरमा गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा कि अडानी-अंबानी कृषि क़ानून रद्द करने होंगे और कुछ भी मंज़ूर नहीं। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी किसानों से मिलने पहुंचे हैं। उन्होंने सिंघु बॉर्डर पर धरनारत किसानों से मुलाकात की। इसके अलावा वहां किसानों के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। केजरीवाल ने कहा कि हम किसानों की सभी मांगों का समर्थन करते हैं। किसानों की मांगें जायज हैं। जब किसान बॉर्डर पर आए तो केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने 9 स्टेडियम आप सरकार से अस्थायी जेल बनाने के लिए मांगे थे। उनका प्लान था, किसानों को दिल्ली आने देंगे और जेल में रखेंगे। हमने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और स्टेडियम की बात नहीं मानी। किसानों के समर्थन में अब तक कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी (आप), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) आदि दल सामने आ चुके हैं। इन दलों ने भारत बंद का भी समर्थन किया है। भारत बंद को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में सरकार भी सतर्क हो गई है। इसके पहले किसानों ने रविवार को सिंघु बॉर्डर पर पंचायत की थी। पंचायत में केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए गए थे। पंचायत के जरिए किसानों ने 9 दिसम्बर को सरकार के साथ प्रस्तावित छठे दौर की वार्ता के संबंध में भी रणनीति तैयार की। वहीं, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी कह चुके हैं कि सरकार कृषि कानूनों में संशोधन करने को तैयार है, मगर इन कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा। देशभर में एमएसपी जारी रहेगी।
















