गाजियाबाद। उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा यात्रा-2024 के लिए तीर्थयात्रियों के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की व्यवस्था लागू की गई है। एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव गृह (पुलिस) द्वारा उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा में तीर्थ यात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने बताया कि चार धाम यात्रा पर जाने वाले उत्तर प्रदेश के सभी इच्छुक श्रद्धालु पंजीकरण कराने के बाद ही वहां जाए। बगैर पंजीकरण यात्रा के लिए जाने पर तीर्थ यात्रियों को असुविधा हो सकती है। इस संबंध में उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव ने इच्छुक तीर्थयात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए निर्देशित किया है।
इसके मद्देनजर चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड शासन द्वारा ई-मेल रजिस्ट्रेशन टूरिस्ट केयर यूके डॉट गवर्नमेंट डॉट इन व मोबाइल ऐप टूरिस्ट केयर उत्तराखंड पर अनिवार्य रूप से पंजीयन की व्यवस्था की गई है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि ने बताया कि हर श्रद्धालु,तीर्थ यात्री,पर्यटक जोन चार धाम (गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ एवं केदारनाथ) की यात्रा करना चाहते है, वह उक्त यूआरएल व मोबाइल ऐप पर अपना पंजीकरण जरूर करा लें। अनिवार्य पंजीयन का प्रवर्तन:चार धाम यात्रा के लिए जिन यात्रियों ने पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं की है। ऐसे श्रद्धालुओं को चारधाम की यात्रा न करने की सलाह दी जाए। ऐसे यात्री,जिनका पंजीयन नहीं है। वह निर्धारित चेक प्वाइंट पर रोक दिए जाएंगे और उससे आगे नहीं जा सकेंगे। यात्रा भी पंजीकृत तारीख का अनुपालन करते हुए तीर्थ यात्री उन तारीख में यात्रा करें।
जिसके लिए उन्होंने पंजीकरण कराया है। इससे श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने तथा धामों पर व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंट के उत्तरदायित्व सभी टूर ऑपरेटर तथा ट्रैवल एजेंट यह सुनिश्चित कराए कि उनके ग्राहकों द्वारा यात्रा प्रारंभ करने से पहले आवश्यक पंजीकरण करा लिया गया है। इससे तीर्थ यात्रा के दौरान असुविधा एवं किसी प्रकार के व्यवधान को रोकने में सहायता मिलेगी। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं की सुविधा तथा चार धाम यात्रा के सफल प्रबंधन के दृष्टिगत उपरोक्त दिशा-निर्देशों से उत्तर प्रदेश के सभी इच्छुक तीर्थ यात्रियों को अवगत करा दिया जाए।
















