-जनता बोली थैंक यू नगर निगम, 23 शिकायतें, सभी पर तुरंत कार्रवाई
-बजरिया में अवैध अतिक्रमण हटाकर डाली गई नई पाइपलाइन, मौके पर ही खत्म हुई पानी की समस्या
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम नागरिकों की शिकायतों को केवल सुनने तक सीमित नहीं, बल्कि उनके त्वरित निस्तारण के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को संभव दिवस के अंतर्गत नगर निगम मुख्यालय में एक भव्य जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष रूप से नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में शहर के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इस दौरान माहौल ऐसा था मानो शहर का प्रशासन सीधे जनता के दरवाज़े पर बैठा हो। नगर आयुक्त ने हर शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को मौके पर ही कार्रवाई के आदेश दिए।
कार्यक्रम में कुल 23 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें निर्माण विभाग से 9, स्वास्थ्य विभाग से 6, उद्यान विभाग से 3, अतिक्रमण से जुड़ी 4 और पशु चिकित्सा विभाग से 1 संदर्भ शामिल था। नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि संभव दिवस में आने वाली शिकायतें सिर्फ फाइलों में न सिमटें, बल्कि मौके पर जाकर इनका समाधान किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान सबसे अहम शिकायत बजरिया क्षेत्र के रहमत अली का अहाता, रेलवे रोड से आई, जहां लंबे समय से अवैध अतिक्रमण के कारण पानी की पाइपलाइन डालना संभव नहीं हो पा रहा था। जैसे ही यह मामला सामने आया, नगर आयुक्त ने महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद को तुरंत टीम भेजने का निर्देश दिया। महज़ कुछ घंटों में अतिक्रमण हटाकर नई पाइपलाइन डाल दी गई। समस्या का इतना तेज समाधान देखकर शिकायतकर्ता ने नगर निगम की सराहना करते हुए कहा थैंक यू नगर निगम! आपने हमारी वर्षों पुरानी समस्या पल भर में खत्म कर दी। जनसुनवाई में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, संयुक्त नगर आयुक्त ओमप्रकाश, अधिशासी अभियंता निर्माण एसपी मिश्रा समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कई पार्षदों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और अपने-अपने वार्ड से संबंधित समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।
नगर आयुक्त ने कहा कि संभव दिवस का मकसद है कि नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे उच्च अधिकारियों के सामने रखने का मौका मिले और उनका समाधान उसी समय हो। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी शिकायतें संभव दिवस में दर्ज हों, उनका निस्तारण जल्द से जल्द कर लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। पिछले कुछ महीनों से नगर निगम द्वारा की जा रही त्वरित कार्यवाहियों ने शहर में प्रशासन की एक नई छवि गढ़ी है। चाहे सड़क मरम्मत का मामला हो, पार्कों की सफाई हो, या अतिक्रमण हटाना अब गाजियाबाद नगर निगम को जनता सिर्फ शिकायत सुनने वाला संस्थान नहीं, बल्कि समाधान देने वाला संगठन मानने लगी है।

















