रोबोफेस्ट-गुजरात 5.0 में सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल के छात्रों का कमाल, एआई स्वचालित वाहन बॉट से देशभर में बनाई पहचान

-कक्षा 11 के हर्ष गुप्ता और मयंक चौधरी को 25 हजार का पुरस्कार, प्रोटोटाइप चरण के लिए एक लाख रुपये की अनुदान सहायता भी स्वीकृत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत की प्रतिष्ठित और सबसे बड़ी रोबोटिक्स प्रतियोगिता रोबोफेस्ट-गुजरात 5.0 में सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। स्कूल के कक्षा 11 के छात्र हर्ष गुप्ता और मयंक चौधरी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्वचालित वाहन बॉट तैयार कर राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी और गर्व का माहौल है। हर्ष और मयंक द्वारा विकसित  ‘एआई स्वचालित वाहन बॉट’ परियोजना का चयन प्रतियोगिता के स्तर एक और स्तर दो (संकल्पना प्रमाण चरण) में किया गया, जिसके लिए उन्हें 25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। यह बॉट बिना मानवीय हस्तक्षेप के वाहन को सुरक्षित, स्मार्ट और नियंत्रित तरीके से चलाने में सक्षम है। परियोजना में आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का प्रयोग कर भविष्य की परिवहन समस्याओं का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया गया है।

छात्रों की मेहनत और तकनीकी समझ यहीं तक सीमित नहीं रही। परियोजना की गुणवत्ता, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए इसे स्वचालित वाहन बॉट श्रेणी में स्तर तीन यानी प्रोटोटाइप चरण के लिए भी चयनित किया गया है। इस चरण में एक वास्तविक स्वचालित कार मॉडल विकसित किया जाएगा। इसके लिए गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा एक लाख रुपये की अनुदान सहायता देने की स्वीकृति दी गई है, जिसे छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद हर्ष और मयंक ने जिस तरह से नवीन तकनीक का उपयोग कर एक प्रभावी और व्यावहारिक मॉडल तैयार किया, वह अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।

उनकी यह सफलता रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और निरंतर सीखने की लगन को दर्शाती है। इस अवसर पर सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल के उपाध्यक्ष नमन जैन ने कहा कि हर्ष और मयंक की यह उपलब्धि पूरे विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। यह सिद्ध करती है कि यदि छात्रों को सही मार्गदर्शन, मंच और प्रोत्साहन मिले तो वे राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। विद्यालय शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर नवाचार, अनुसंधान और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों को प्रेरित करता है।

विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने भी दोनों छात्रों की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल परिवार ने हर्ष गुप्ता और मयंक चौधरी को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए रोबोफेस्ट-गुजरात 5.0 के अगले चरण में उनकी सफलता की कामना की है।