गाजियाबाद। टीकाकरण की समस्याओं को दूर करते हुए सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन किया जाए। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने सीडीओ, सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर आदि अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत जिला पंचायती विभाग के माध्यम से जिले के सभी ग्राम प्रधानों, नगर निगम, निकाय के पार्षद, सभासदों, औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों, सिविल डिफेंस के सदस्यों, एनजीओ, आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों, सोसायटी के लोगों से अपील करते हुए कहा कि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने में सहयोग करें। इसके लिए व्यापक जन आंदोलन चलाया जाए। जनपद के सभी बच्चों का डेटा संग्रहण करें। कितने बच्चों का टीका लग चुका है और कितने बाकी है।

जिले से पलायन किए है। अगर टीका नहीं लगा है तो उसमें क्या समस्याएं आ रही है। बैठक के दौरान जनपद में शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों एवं टीडी टीका से वंचित गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण से आच्छादित करने के लिए सघन मिशन इंद्रधनुष-5.0 अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा। इसके पहले चरण में 7 से 12 अगस्त, दूसरा चरण 11 से 16 सितंबर और तीसरा चरण 9 से 14 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। सघन मिशन इंद्रधनुष-5.0 के तहत 7 से 12 अगस्त तक शून्य से 5 वर्ष तक की आयु के लेफ्ट आउट व ड्रॉप आउट बच्चों को पूर्ण प्रतिरक्षण के लिए चिन्हित कर टीकाकरण कराना है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को टीडी वैक्सीनेशन के लिए चिन्हित कर प्रतिरक्षित करना है।
अभियान प्रत्येक चरण में 6 कार्यदिवसों में पूरा किया जाना है। इस अभियान के लिए तहसील टास्क फोर्स,ब्लॉक टास्क फोर्स बैठक कर रूपरेखा तैयार करेगी। जनपद में घर-घर सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के दौरान पाए जाने वाले शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को चरण के दौरान टीकाकरण करने के लिये सूचीबद्ध करने के लिए ड्यू लिस्ट बनाई जा रही है। जनपद की 54 चिकित्सा इकाईयों में विशेष कार्ययोजना तैयार कर आवश्यकतानुसार सत्र नियोजित करते हुऐ चिन्हित गर्भवती महिलाओं व शून्य से 5 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों को शत-प्रतिशत प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद मे सभी टीकाकरण सत्रों पर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को बुलाकर लाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, वर्करों को प्रशिक्षित किया जाए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास), शशि वाष्र्णे, पंचायती राज अधिकारी प्रदीप द्विवेदी, सिविल डिफेंस, डब्लूएचओ के प्रतिनिधि, यूनीसेफ ,आईएमए पदाधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए।
















