‘सेवा भाव से करें शिक्षण कार्य’: सीडीओ अभिनव गोपाल ने तय किया डिजिटल एजुकेशन का रोडमैप

  • चिंपल ऐप 100′ डाउनलोड का लक्ष्य, हर शिक्षक करेगा डेटा सिंक
  • निपुण प्लस और वीकली असेसमेंट से बच्चों की प्रगति पर पैनी नजर
  • मेगा पीटीएम की तैयारी तेज, संघर्षशील विद्यालयों पर विशेष फोकस
  • संपर्क टीवी से आच्छादित 100′ विद्यालय, अब गुणवत्ता पर जोर
  • बी और सी श्रेणी के विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाने का अभियान
  • एचएम बैठक से लेकर एआरपी पर्यवेक्षण तक सख्त मॉनिटरिंग व्यवस्था

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनवरी माह की समीक्षा बैठक के बिंदुओं पर हुई प्रगति का आकलन किया गया और आगामी कार्ययोजना तय की गई। बैठक की शुरुआत में सीडीओ ने पूर्व निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी शिक्षक ‘शिक्षक संपर्क एप’ के माध्यम से नियमित रूप से शिक्षण कार्य कराएं और डाटा को समय से सिंक करें। उन्होंने बताया कि जनपद के 100 प्रतिशत विद्यालय अब ‘संपर्क टीवी’ से आच्छादित हो चुके हैं, जो डिजिटल शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि ‘चिंपल ऐप’ का डाउनलोड प्रतिशत अभी 60 प्रतिशत है, जिसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

सीडीओ ने कहा कि शिक्षक बच्चों को नियमित रूप से कार्य असाइन करें तथा कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के अभिभावकों को अधिकाधिक संख्या में ऐप से जोड़ा जाए। एआरपी को सहयोगात्मक पर्यवेक्षण में तथा बीईओ को अपनी एचएम बैठकों में शिक्षकों को चिंपल ऐप के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शिक्षक ‘वीकली असेसमेंट ट्रैकर’ अनिवार्य रूप से भरें तथा ‘निपुण प्लस ऐप’ के माध्यम से नियमित आकलन सुनिश्चित करें। बेसलाइन असेसमेंट की सराहना करते हुए सीडीओ ने कहा कि अब बी श्रेणी के बच्चों को ए श्रेणी में और सी श्रेणी के बच्चों को बी श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। एसआईआर में शिक्षकों की अधिक ड्यूटी लगने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विद्यालय स्तर पर ठोस योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। मार्च माह में प्रस्तावित मेगा पीटीएम को सफल बनाने के लिए एआरपी, एसआरजी और डीसी को संयुक्त रूप से योजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा गया।

डीटीएफ और बीटीएफ के निरीक्षण कार्य को फरवरी में भी पूर्ण करने तथा संघर्षशील विद्यालयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालयों में किचन गार्डन के बेहतर उपयोग पर बल देते हुए मालियों के सहयोग से इसे और प्रभावी बनाने पर विचार किया गया। सीडीओ श्री अभिनव गोपाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना केवल दायित्व नहीं, बल्कि सेवा भाव है। हमारा उद्देश्य समाज को शिक्षित और संस्कारवान बनाना तथा अशिक्षा से जुड़ी कुरीतियों को समाप्त करना होना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे नवीन आयामों और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। बैठक में बीएसए ओ.पी. यादव, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह, एएओ विकास बघेल, डायट प्रवक्ता प्रताप सिंह, डीसी माध्यमिक पवन भाटी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, डीसी, एसआरजी, जनपद के सभी ब्लॉकों के एआरपी सहित चिंपल ऐप, सेंटर स्क्वायर फाउंडेशन और संपर्क फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।