तीन दिनों से धूप के दर्शन नहीं हुए हैं। सुबह और शाम की सर्दी ने लोगों को परेशानी में डाल रखा है। नये साल के पहले और दुसरे दिन सुबह भी बादल छाये रहे। दिनभर हवा चलती रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त दिखा। गुरुवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री मापा गया। पारा लुढ़कने से ठंड बड़ गई है। उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह ने बताया नगर निगम के पांचो जोन में सुखी लकड़ियां नियमित सभी आश्रय स्थलों पर पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा नगर आयुक्त के निर्देश अनुसार अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव की व्यवस्था कराई गई है।
गाजियाबाद। नए साल की शुरूआत से ही ठंड के बीच सर्द हवाएं व कनकनी ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित कर दिया है। तीन दिनों से धूप के दर्शन नहीं हुए हैं। सुबह और शाम की सर्दी ने लोगों को परेशानी में डाल रखा है। नये साल के पहले और दुसरे दिन सुबह भी बादल छाये रहे। दिनभर हवा चलती रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त दिखा। गुरुवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री मापा गया। पारा लुढ़कने से ठंड बड़ गई है। सुबह से ही ठिठुरन रही। जिसकी वजह से बाजारों में आवाजाही भी काफी कम रही। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नगर निगम की ओर से आमजन के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है। आश्रय स्थलों के साथ-साथ अन्य ऐसे स्थान जहां आवागमन बना रहता है ठंड की वजह से लोग एकत्र रहते हैं चिन्हित करते हुए अलाव की व्यवस्था की गई है। ठंड से बचाव के लिए हर बार की तरह इस बार नगर निगम के अलाव लोगों के लिए संजीवनी बनी हुई है।
उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह ने बताया नगर निगम के पांचो जोन में सुखी लकड़ियां नियमित सभी आश्रय स्थलों पर पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा नगर आयुक्त के निर्देश अनुसार अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव की व्यवस्था कराई गई है। लगभग 91 स्थान पर पिछले 10 दिनों से लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था बढ़ाई गई है। रेलवे स्टेशन, पुराना बस अड्डा, नया बस अड्डा, अस्पताल के बाहर, बैंकों के बाहर, प्रमुख चौराहों के पास, मेट्रो स्टेशन के बाहर, धार्मिक स्थलों के बाहर व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव उपलब्ध कराया जा रहा हैद्ध निराश्रितों के लिए अलाव की व्यवस्था ठंड से काफी राहत दे रही है। समय के रहते शाम होने से पूर्व लकडिय़ां चयनित स्थानों पर चली जाती है। ताकि सर्दी बढ़ने पर लोगों को राहत का अनुभव हो सके, आश्रय स्थलों पर भी अन्य मूल सुविधाओं को भी बढ़ाया गया है। कंबल वितरण की प्रक्रिया भी लगातार चल रही है।
नगर आयुक्त ने बताया नगर निगम द्वारा इस बार उद्यान विभाग की एकत्र की हुई लकड़ी का इस्तेमाल अलाव की व्यवस्था में किया गया है। बाहर से लकड़ी खरीदी नहीं गई है। जिससे लगभग 25 से 30 लाख की बचत निगम को हुई है। वर्तमान में 91 स्थान से बढ़ाकर 100 स्थान पर अलाव निराश्रितों के लिए जलाया जा रहा है। आश्रय स्थलों में हीटर की व्यवस्था कराई गई है। इसके अलावा आवश्यकता पडऩे पर अलाव के लिए स्थलों को बढ़ाया भी जा सकता है। नगर निगम द्वारा जहां सभी व्यवस्थाओं को बहुत ही बेहतर किया जाता है। वही सर्दी के बढ़ते कदम को देखते हुए शहर निवासियों के लिए की गई व्यवस्था सराहनीय है। जिसमें क्षेत्रीय पार्षदों का भी विशेष योगदान दिखाई दे रहा है। जो अपने क्षेत्र में निवासियों के लिए नगर निगम के माध्यम से व्यवस्थाएं करा रहे हैं।

















