शीतलहर से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों से शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें। घर में ठंडी हवा के प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों व खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। हीटर, ब्लोअर, कोयले की अंगीठी आदि चलाते समय थोडी खिड़की खोलकर रखे और सोने से पहले इन सभी को बंद कर दें
गाजियाबाद। शीतलहर से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों से शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उक्त बढ़ती ठण्ड के दृष्टिगत जनपद वासियों के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश (एडवाइजरी) जारी करते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) सौरभ भट्ट ने बताया कि लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें। शरीर को सूखा रखें एवं गर्म कपड़ों से ढक कर रखे। मौसम पूर्वानुमान के लिए मौसम संबंधित जानकारी लेते रहे। सर्दियों के लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा के प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों व खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। फ्लू, नॉक बहना जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं। इसलिए स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डॉक्टर से परामर्श करें। शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म पेय पदार्थ एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें। हीटर, ब्लोअर, कोयले की अंगीठी आदि चलाते समय थोडी खिड़की खोलकर रखे और सोने से पहले इन सभी को बंद कर दें।
ठंड के समय फ्लू, नाक बहना जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है जो आमतौर पर ठण्ड के लम्बे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती है। ऐसे लक्षणों के होने पर डॉक्टर से परामर्श लें। शीतलहर के समय बुजुर्गों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। शीतलहर के समय अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। यदि संभव हो तो यात्रा से बचें। पर्याप्त रोग प्रतिरोधक शक्ति और शरीर के तापमान के संतुलन को बनाए रखने के लिए स्वस्थ भोजन, विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। शीतदंश (यथा शरीर के अंगों के सुन्न पडऩे, हाथ-पैरो, कान एवं नाक पर सफेद या पीले रंग के दाग इत्यादि पड़ने पर) जैसी बीमारियों के लक्षण होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। ठण्डे पानी के स्थान पर हल्के गर्म पानी का प्रयोग करें। आग तापने के लिए प्लास्टिक थैलियों, टायर का प्रयोग न करें। आग जलाते समय ज्वलनशील पदार्थ आसपास न रखें। बिस्तर के पास अलाव न जलाएं।
















