– भारत-क्रोएशिया के विद्यार्थियों का अनूठा सहयोग, ‘हमारे महासागर’ पर साझा चिंतन
-प्लास्टिक प्रदूषण, ओवरफिशिंग और तेल रिसाव जैसे मुद्दों पर प्रस्तुत किए शोध और समाधान
-इंटरैक्टिव क्विज़ और नवाचारों से सशक्त हुआ वैश्विक पर्यावरण संदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कविनगर स्थित के. डी. बी. पब्लिक स्कूल में बुधवार को ‘हमारे महासागर’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसने शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का मजबूत संदेश दिया। इस विशेष पहल के अंतर्गत भारत और क्रोएशिया के दो विद्यालयों-के. डी. बी. पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद और ओस्नोवना स्कोला सिमे बुदिनिका, जादर-के विद्यार्थियों ने एक मंच पर आकर महासागरों से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और महासागर प्रदूषण के विभिन्न पहलुओं पर अपने शोध और प्रस्तुतीकरण साझा किए। छात्रों ने प्लास्टिक प्रदूषण, अतिमत्स्यन (ओवरफिशिंग) और तेल रिसाव जैसी वैश्विक समस्याओं को गहराई से समझते हुए उनके समुद्री जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी बताया कि इन समस्याओं का असर केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था, मत्स्य उद्योग और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी प्रभावित करता है। इस दौरान भारत और क्रोएशिया के विद्यार्थियों के बीच एक इंटरैक्टिव क्विज़ सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों देशों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस सत्र ने न केवल ज्ञानवर्धन किया, बल्कि विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद और समझ को भी मजबूत किया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए नवाचारी समाधान रहे। विद्यार्थियों ने महासागरीय प्लास्टिक के पुन: उपयोग से सड़कों के निर्माण जैसे व्यावहारिक सुझाव दिए, वहीं उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से समुद्री प्रदूषण को कम करने के उपाय भी प्रस्तुत किए। इन नवाचारों ने यह दर्शाया कि युवा पीढ़ी न केवल समस्याओं को समझ रही है, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी गंभीरता से सोच रही है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों की सक्रिय भागीदारी और उनकी रचनात्मक सोच को देखकर सभी उपस्थित लोग प्रभावित हुए। यह आयोजन छात्रों के लिए एक ऐसा मंच साबित हुआ, जहां उन्होंने वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या निवेदिता राणा ने इस अवसर पर विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें वैश्विक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों का आयोजन करता रहेगा, ताकि छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और विचार साझा करने के अवसर मिलते रहें। यह कार्यक्रम शिक्षा, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि जब विभिन्न देशों के छात्र एक साथ आते हैं, तो वे न केवल समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं, बल्कि उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम भी सुझा सकते हैं। कुल मिलाकर, ‘हमारे महासागर’ विषय पर आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रहा, जिसने पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और अधिक मजबूत किया और वैश्विक सहयोग की भावना को नई दिशा दी।

















