-पार्षद के शिकायत करने के बाद भी नगर निगम अधिकारियों नहीं ली सुध
-स्थानीय लोगों की शिकायत पर जांच टीम ने निर्माण कार्य काम रूकवाया
अश्वनी शर्मा (उदय भूमि ब्यूरो)
बरेली। विकास कार्य के नाम पर घोटालों का दौर हमेशा से चलता आया है। वहीं अगर बात करें ठेकेदार की तो ठेकेदार शब्द दिमाग में आते ही फर्जीवाड़ा या घोटाला होने की बात सहज ही सामने आ ही जाती है। कहने को तो सड़क या नाली निर्माण जनता की सहुलियत के लिए ही कराया जाता है, लेकिन इसकी आड़ में अक्सर घोटाले की नींव काम शुरू होने से पहले ही पड़ जाती है। कुछ ऐसा ही सुरेश शर्मा नगर कालोनी में देखने को मिला।
पीलीभीत रोड पर सुरेश शर्मा नगर कालोनी में नाली निर्माण का कार्य चला। लेकिन नाली निर्माण कार्य में धांधली पर लोगों की नजर पड़ी तो नगर निगम के अधिकारियों तक ठेकेदार की शिकायत पहुंची। लेकिन पहले तो अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। लेकिन जब शिकायतों की संख्या बड़ी तो नगर निगम के अधिकारियों की धड़कन भी बड़ी और जांच टीम को मौका मुआयना के लिए भेजा गया। कालोनी की शिव मंदिर वाली रोड और नाली तो पहले से ही बनी हुई थी। लेकिन नाली में पानी का निकास सही ढंग से नहीं था। जिस पर हाल ही में दोबारा नाली निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन नाली निर्माण में धांधली की तस्वीर साफ देखी जा सकती है। नाली में पीला ईंट का इस्तेमाल ठेकेदार द्वारा किया जा रहा था।
जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से की। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जब कालोनी के ही प्रतिष्ठित शख्स ने शिकायत की तो आनन फानन में नगर निगम अधिकारी और कर्मचारियों की टीम मौका मुआयना करने आई और नाली में लगाई गई पीला ईंट देखकर बौखलाई। फिर क्या था। अधिकारियों ने ठेकेदार को हड़काते हुए नाली निर्माण कार्य रूकवा दिया और मामले की जांच के आदेश दे दिए। अब देखना यह है कि नगर निगम ठेकेदार द्वारा की जा रही धाँधली पर क्या कार्यवाही करता है।
इस मामले में जब पार्षद से बात की तो उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत कई बार नगर निगम जेई से की। लेकिन शिकायत को हर बार नजर अंदाज कर दिया गया। उनका कहना है कि जब उनकी नगर निगम में कोई सुनवाई होती ही नहीं है तो वो क्या करें। कहा कि गलत के विरोध में वो हमेशा जनता के साथ हैं। हालाँकि स्थानीय लोगों की शिकायत पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
नरेश पटेल, पार्षद
वार्ड नंबर-65















