छात्रों के भविष्य के लिए संकल्पवद्ध प्रीती कालेज: डा. सुरेंद्र गंगवार

– लाकडाउन में सस्ती शिक्षा से समाज में बनाई अलग पहचान

उदय भूमि ब्यूरो
बरेली। कोराना महामारी के दौर में जहां सभी तरह के संस्थानों की अर्थ व्यवस्था चौपट हुई। वहीं शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े संस्थान की भी हालत खराब है। इस दौर में बीसलपुर रोड, प्रीती विहार, रसूला चौराहा, बरेली स्थित प्रीती महाविद्यालय छात्रों के भविष्य के प्रति सजग व गंभीर है। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कालेज प्रबंधन ने सस्ती शिक्षा के विकल्प को आगे रख छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए कालेज के दरवाजे खोले रखे।
बता दें कि लाकडाउन जैसे आपातकालीन समय में सस्ती शिक्षा का संकल्प लिए प्रीति कालेज महाविद्यालय के प्रबंधक डा. सुरेंद्र गंगवार ने सभी वर्ग के छात्र छात्राओं के हितों का ध्यान रखा। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी व गैरसरकारी शिक्षण संस्थानों की फीस के मुकाबले में प्रीती कालेज के शिक्षण शुल्क को निम्न स्तर पर रखा। ताकि कोराना महामारी की मार झेल रहे अभिभावकों पर अधिक बोझ ना पड़े। कहा कि यह महाविद्यालय मेरी शिक्षा से वंचित समस्त समाज की भावना का परिष्करण है। इसलिए मैं लगातार ऐसे पाठयक्रमों को संचालित करने का प्रयास कर रहा हूं, जिसमें वास्तविक रूप में एक ग्रामीण महाविद्यालय की कल्पना मूर्त रूप प्राप्त कर सके। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राओं को समयानुसार रोजगार दिलाने वाले पाठयक्रमों से शिक्षा ग्रहण कर बेहतर भविष्य बना सकें।
वहीं महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह व प्राचार्य डा. अशोक कुमार ने बताया कि महाविद्यालय छात्र छात्राओं को सरकारी फीस पर ही प्रवेश दे रहा है। छात्र छात्राओं की प्रवेश संबंधी कार्य व उनकी सुविधा के लिए बरेली महानगर की सुरेश शर्मा नगर कालोनी व तहसील बीसलपुर में पटेल नगर मुहल्ला में हैल्प कार्यालय भी बना रखा है। महाविद्यालय में संचालित कोर्स बीएड, बीएलएड, बीएससी(पीसीएम व जैडबीसी) बीएससी होम साइंस,, बीकॉम और परास्नातक में हिंदी, अंग्रेजी, समाज शास्त्र, इतिहास व प्रयोगात्मक विषय ड्राइंग व पेंटिंग, शिक्षा शास्त्र, भूगोल, होम साइंस विषयों को न्यूनतम शुल्क पर हायर एजूकेटेड फैकल्टी द्वारा बेहतर शिक्षा प्रदान की जा रही है। कालेज के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने की वजह से छात्र छात्राओं को साफ स्वच्छ वातावरण भी मिलता है।