-देशभर से मात्र 25 विद्यार्थियों में बनाई जगह
-दो वर्ष की कठिन तैयारी, रोज़ 15-16 घंटे अध्ययन
-माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सपने तो हर कोई देखता है, लेकिन उन्हें साकार करने का साहस और संकल्प कुछ विशेष प्रतिभाओं में ही होता है। ब्रिज विहार स्थित ई-56 राधा कुंज के निवासी आरुष गुप्ता ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर ऐसा ही एक सपना साकार कर दिखाया है। उनका चयन देश के प्रतिष्ठित संस्थान राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज में हुआ है, जहां पूरे भारत से मात्र 25 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। श्रीमती शुभा गुप्ता और डॉ. अखिलेश गुप्ता के सुपुत्र आरुष की इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर है। एक सामान्य परिवार में पले-बढ़े आरुष ने असाधारण प्रतिभा और दृढ़ निश्चय का परिचय देते हुए यह मुकाम हासिल किया।
आरुष ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से इस कठिन परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। प्रतिदिन 15 से 16 घंटे तक अध्ययन करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था। उन्होंने समय प्रबंधन, आत्मानुशासन और नियमित अभ्यास को अपनी सफलता का मंत्र बताया। आरुष का कहना है कि निरंतरता और सकारात्मक सोच के साथ यदि लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा जाए तो कोई भी उपलब्धि असंभव नहीं रहती। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा ने उन्हें कठिन परिश्रम के लिए उत्साहित किया। परिवार के सहयोग और शिक्षकों के निर्देशन ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया।
राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज, देहरादून देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है, जहां से विद्यार्थी आगे चलकर भारतीय सशस्त्र बलों में उच्च पदों पर सेवा देने के लिए तैयार होते हैं। यहां प्रवेश पाना स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आरुष की इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि समर्पण और परिश्रम के पंख लगाकर कोई भी छात्र ऊंची उड़ान भर सकता है। क्षेत्रवासियों ने आरुष को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे आगे चलकर देश का नाम रोशन करेंगे और भारत की शान बढ़ाएंगे।
















