सर्किल रेट बढ़ाने से पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों की होगी बैठक
गाजियाबाद। जिले में संपत्तियों की रजिस्ट्री कराना अगस्त से महंगा पड़ सकता है। जिला प्रशासन द्वारा संपत्तियों के रेट यानी कि डीएम सर्किल रेट में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर दी है। डीएम सर्किल रेट बढ़ाने से पहले प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक होगी। उसके बाद क्षेत्रवार सर्वे कराने की प्लानिंग की जाएगी। वर्तमान में जो सर्किल रेट लागू है। बाजार भाव में इससे ज्यादा प्रॉपर्टी के रेट है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि वर्ष-2016 में संपत्तियों के डीएम सर्किल रेट रिवाइज किए गए थे। संपत्तियों के सर्किल रेट बढ़ाने से पहले क्षेत्रवार सर्वे कराया जाएगा। उसके बाद इस पर लोगों से आपत्तियां मांगी जाएगी। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद ही अगस्त में सर्किल रेट बढ़ाने एवं कुछ वृद्धि करने पर निर्णय लिया जा सकेगा। जून में संपत्तियों का सर्वे कराया जाएगा। अगस्त में सर्किल रेट बढ़ाने के लिए अब जल्द ही प्रशासन के अधिकारियों की बैठक होगी। 20 जून तक सर्किल रेट के लिए सर्वे कराने की तैयारी होगी।

नोटबंदी और दो साल तक कोरोना संक्रमण काल की वजह से डीएम सर्किल रेट भी नहीं बढ़ाए गए हैं। ऐसे में संपत्तियों के सर्किल रेट बढऩे के बाद एक बार फिर संपत्तियां महंगी होगी। मकान, दुकान,प्लॉट व फ्लैट खरीदने वालों के पास फिलहाल दो महीने का मौका है। वर्तमान में शहर में सबसे अधिक कौशांबी के रेट है। इसके अलावा आरडीसी के है। आवासीय क्षेत्रों में दूसरे नंबर पर वैशाली है। एनएच-9 से सटी कॉलोनियों के सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी की संभावना है। कौशांबी में मौजूदा समय में 99 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर सर्किल रेट हैं। जबकि एनएच से सटी कॉलोनियों के सर्किल रेट 73 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर तक हैं। सर्किल रेट नहीं बढऩे से बिकी 260491 संपत्तिया:डीएम सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं होने से फिर भी पांच साल में करीब 260491 संपत्तियां बिकी हैं। इनमें करीब 203931 फ्लैट और 56560 प्लॉट बिके है। इन संपत्तियों की बिक्री होने के बाद स्टांप विभाग को 6000 करोड़ से अधिक का शुल्क मिला है।स्टांप एवं निबंधन विभाग के एआईजी केके मिश्रा का कहना है कि डीएम सर्किल अगस्त में बढ़ोतरी करने की तैयारी की जा रही है। जिले में सभी सर्किल रेट और मौजूदा बाजार मूल्य का मूल्यांकन कर नए सर्किल रेट को रिवाइज किया जाएगा।
8 सर्किलों में बंटा जिला
जिला 8 सर्किलों में बंटा है। इनमें कॉलोनियों की लोकेशन और आबादी के हिसाब से रेट तय किए जाते हैं। सर्किल रेट तीन श्रेणियों में तय हैं। पहला 9 मीटर चौड़ी रोड के किनारे, दूसरा 9 मीटर से 18 मीटर चौड़ी रोड के किनारे और तीसरा 18 मीटर से अधिक चौड़ी रोड के किनारे। सबसे अधिक रेट 18 मीटर से अधिक चौड़ी रोड के किनारे की संपत्ति का होता है।वर्तमान में शहर में कौशांबी के 90 हजार से 99 हजार रुपए प्रतिवर्गमीटर तक सर्किल रेट है।वैशाली-67500 से 74,200 रुपए। इंदिरापुरम -66,500 से 73100 रुपए,वसुंधरा- 62000 से 68000 रुपए,कविनगर-46000- से 51000 रुपए,नासिरपुर-36000 से 38000 रुपए, क्रॉसिंग रिपब्लिक-19000 स 23000 रुपए, राजनगर एक्सटेंशन-17000 से 21000,खोड़ा-22000 रुपए और डासना-12000 रुपए प्रतिवर्गमीटर के सर्किल रेट हैं।एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक श्रीवास्तव का कहना है कि संपत्तियों के सर्किल रेट में पिछले तीन साल से बढ़ोतरी नहीं हुई है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जल्द ही एआईजी स्टांप, रजिस्ट्रार एवं एसडीएम के साथ बैठक होगी। बैठक में निर्णय लेने के बाद क्षेत्रवार सर्वे कराने की प्लानिंग की जाएगी। जून में सर्किल रेट का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में जो भी खामियां होगी। उन्हें पूरा कराया जाएगा। उसके बाद अगस्त में ही सर्किल रेट बढ़ाने पर जिलाधिकारी द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा।
















