सिविल सर्विसेज प्री परीक्षा शुचितापूर्ण एवं नकलविहीन संपन्न आब्जर्वर सेल्वा कुमारी जे ने किया सेंटरों का निरीक्षण

गाजियाबाद। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रस्तावित सिविल सर्विसेज प्री परीक्षा रविवार को दो पालियों (पूर्वान्ह 09-30 बजे से 11-30 बजे तक एवं अपरान्ह 2-30 बजे से सायं 4-30 बजे तक) में सम्पन्न हुई। जिसके लिए कुल 50 परीक्षा केन्द्रों का चयन किया गया था, जिसमें 3 राजकीय, 17 अशासकीय सहायता प्राप्त, 30 स्वघोषित विद्यालय सम्मिलित थे। परीक्षा को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए 3 आब्जर्वर, 9 जोनल मजिस्ट्रेट, 18 सैक्टर मजिस्ट्रेट (इनके साथ 2-2 सशस्त्र आरक्षी तैनाती), प्रत्येक केंद्र पर एक-एक एलआईओ के रूप में 50 अधिकारियों ?सहित अन्य की तैनाती की गई थी। सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक केंद्र पर एक सब-इंस्पेक्टर, दो हेड कांस्टेबल एवं दो महिला कांस्टेबल तैनात किया गया। जो फिस्किंग का कार्य सम्पन्न किया।

परीक्षा उपरान्त केन्द्र व्यवस्थापकों द्वारा परीक्षा केन्द्र से पोस्ट आफिस नवयुग मार्किट तक उत्तर पुस्तिकाओं को पहुंचाए जाने के लिए सुरक्षार्थ चीता मोबाइल को तैनात किया गया था। परीक्षा के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजियाबाद के कार्यालय में जनपदीय कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई थी। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए कुल 18 एम्बुलेंस और मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त समस्त सीएचसी व पीएचसी को अलर्ट रहने के निर्देश दिये थे। सभी सेंटरों पर प्रथम पाली में कुल 23040 में से 15172 उपस्थित रहें और 7868 अनुपस्थित रहे। इस प्रकार प्रथम पाली में 65.85 प्रतिशत परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा दी गई व द्वितीय पाली में कुल 23040 में से 15067 उपस्थित रहें और 7973 अनुपस्थित रहे।

इस प्रकार द्वितीय पाली में 65.39 प्रतिशत परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा दी गई। आब्जर्वर सेल्वा कुमारी जे द्वारा द्वितीय पाली में नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज (ब्लॉक-ए ), नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज (ब्लॉक-बी), सेठ मुकंद लाल (वीके) इंटर कॉलेज व पूर्ण ज्ञानांजलि इंटरनेशनल कॉलेज का निरीक्षण किया। इसके साथ ही आब्जर्वर रंजन कुमार, सचिव, मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर गवर्नमेंट ऑफ यूपी व संजय कुमार खत्री, एसीईओ, नोएडा द्वारा भी निरीक्षण किया गया। आब्जर्वरों, जोनल मजिस्ट्रेटों, सैक्टर मजिस्ट्रेटों, एलआईओ अधिकारी, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों के सहयोग से परीक्षा को शुचितापूर्ण एवं नकलविहीन सम्पन्न कराया गया।