-लोनी में मुस्लिम वृद्ध को बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला
गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेहटा हाजीपुर में बुलंदशहर निवासी बुजुर्ग मुस्लिम अब्दुल समद को बंधक बनाकर कमरे में बंद कर पिटाई करने और दाढ़ी काटने का वीडियो वायरल होने के पीछे ताबीज से हुए नुकसान के बाद इस मामले को अंजाम दिया गया। डीआईजी/एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि बुजुर्ग की दाढ़ी काटने के पीछे कोई धार्मिक एंगल सामने नहीं आया है। लोनी के एक सपा नेता ने धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए वीडियो को गलत तरीके से वायरल किया हैं। वीडियो वायरल करने और धार्मिक उन्माद फैलाने को लेकर लोनी बॉर्डर थाने में ट्विटर की दो कंपनियों, मीडिया संस्थान द वॉयर, मोहम्मद जुबैर,राना अय्यूब,सलमान निजामी,मसकूर उस्मानी, समा मोहम्मद और शबा नकवी समेत 9 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं। एसएसपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।प्रवेश गुर्जर को बुजुर्ग मुस्लिम अब्दुल समद द्वारा दिए गए ताबीज से हुए नुकसान के बाद पिटाई और दाढ़ी काटने का अंजाम दिया गया। इस मामले बंथला निवासी प्रवेश गुर्जर को पहले ही जेल भेजा जा चुका है,जबकि इसके साथ में मारपीट करने वाले दो आरोपितों आदिल खान निवासी बेहटा हाजीपुर और कल्लू निवासी सरल कुंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। प्रवेश गुर्जर को ताबीज से नुकसान में बुजुर्ग के साथ मारपीट करने और दाढ़ी काटी गई। एसएसपी अमित पाठक ने इस मामले खुलासा करते हुए कहा कि मारपीट में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका हैं। बाकी लोगों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच मेें घटना का कोई धार्मिक एंगल नहीं मिला। ताबीज को लेकर आक्रोश के चलते आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया।एसएसपी पाठक ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो कंटेट प्रकाशित किया गया वो गैर-जिम्मेदाराना है। जिन लोगों ने जानबूझकर सोशल मीडिया पर अलग एंगल देने के लिए इसको छापा है। उसमें 7 लोगों, ट्विटर और ट्विटर इंडिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने अपने बयान में कहा कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया में प्रभाव रखने वाले लोगों ने बिना किसी फैक्ट चेक के वीडियो ट्वीट किए। पुलिस को जांच में पता चला कि यह घटना 5 जून की है। आरोपी और पीडि़त दोनों एक दूसरे को जानते थे और यह आपसी रंजिश का मामला है।बता दें कि बुजुर्ग मुस्लिम अब्दुल समद सैफी ताबीज बनाने का काम करता है। उसने आरोपी परवेश गुर्जर को ताबीज बेचा था। जब ताबीज से कोई फल नहीं मिला तो आरोपियों ने बुजुर्ग की पिटाई कर दी। 14 जून को मामले में केस दर्ज किया गया और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि परवेश गुर्जर को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 15 जून को पुलिस ने स्पष्टीकरण दे दिया था कि यह आपसी रंजिश का मामला है। मामले में लिप्त दोनों पक्ष हिंदू और मुस्लिम थे। इसके बाद भी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरों ने अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया जिससे प्रदेश में सांप्रदायिक एकता को नुकसान पहुंचा। ट्विटर ने भी सांप्रदायिक ट्वीट्स को डिलीट करने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया। उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। खुफिया एजेंसियों की जांच में सामने आया कि वीडियो वायरल करने के पीछे लोनी के एक सपा नेता का हाथ है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस व खुफिया एजेंसियों की जांच में सामने आया कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे के लिए सुनियोजित तरीके से वीडियो वायरल किया गया था। पुलिस टीम इस पर लगातार नजर रखे हुए है। सांप्रदायिक सद्भाव और शांति भंग करने के सभी प्रयासों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी एक समुदाय से नहीं, एक से अधिक समुदाय के हैं। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि बुलंदशहर निवासी बुजुर्ग अब्दुल समद झाड़-फूंक और ताबीज बनाने का काम करते हैं। बंथला निवासी प्रवेश गुर्जर ने बुजुर्ग से ताबीज बनवाया था। ताबीज पहनने के बाद उसे नुकसान हो गया। पांच जून को लोनी पहुंचे बुजुर्ग के साथ प्रवेश और उसके साथियों ने मारपीट की। बुजुर्ग ने सात जून को लोनी बॉर्डर थाने में युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपित प्रवेश को जेल भेज दिया था।इस मामले में अभी आरिफ, मुशाहिद,पोली समेत चार अन्य की तलाश जारी हैं।इन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
















