कोरोना संक्रमण पसार रहा पांव, लोग हुए लापरवाह

-कोरोना से बचाव के लिए स्टॉक में रखे 30 हजार वैक्सीन: डीएम

-प्रशासन की सख्ती के बाद भी लोगों के चेहरे से नदारद हो रहे मास्क

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिले में भले कही वैक्सीन आ गई है। लेकिन जिलाधिकारी कोरोना को लेकर लगातार सख्ती बरत रहे है। जिले में डीएम, सीडीओ और सीएमओ के चेहरे पर भले ही मास्क कायम हो लेकिन अधिकांश लोगों के चेहरे से यह नदारद हो चुका है। आलाधिकारी प्रतिदिन अपने दफ्तर में मास्क लगाकर न सिर्फ बैठते हैं, बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आम लोगों की समस्याएं सुनते हैं। लोगों को कोरोना के प्रति आगाह भी करते रहते हैं लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। कोरोना की वैक्सीन आने के बाद लोग लापरवाह हो गए हैं। जिलाधिकारी प्रतिदिन जनपद में स्थापित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम में स्वयं बैठकर समीक्षा कर रहे हैं। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बुधवार को विकास भवन सभागार में संचालित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम में समीक्षा करते हुए सीएओ डॉ.एनके गुप्ता को निर्देश दिए कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन आ गई है। डीएम ने सीडीओ अस्मिता लाल,एडीएम वित्त एवं राजस्व यशवर्धन श्रीवास्तव,सीएमओ डॉ.एनके गुप्ता आदि के साथ समीक्षा की। उन्होंने 30,000 हजार वैक्सीन बफर में रखने के आदेश देते हुए बताया कि जनपद में कोई कमी नहीं है। इसको लेकर जो भी समस्या आ रही है वह आमजन को व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण है। इस दौरान जिलाधिकारी के समक्ष एक प्रकरण आया कि उसमें एंबुलेंस समय से मरीज के पास नहीं पहुंची जिसके संबंध में जिलाधिकारी के निर्देश पर एंबुलेंस के प्रभारी को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कंट्रोल रूम में बैठकर उपचाराधीन कोरोना पीडित मरीजों से संपर्क स्थापित कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जाना। जिलाधिकारी द्वारा कोरोना संक्रमण को गंभीरता से लेते हुए रोज सुबह, दोपहर व शाम तीनों समय अपडेट ली जाती है और वहां कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए जा रहे है। इसके बाद डीएम ने जिला एम0एम0जी0 चिकित्सालय पहुंचकर, उन्होंने कोविड वैक्सीन के रखरखाव की व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम ने कहा वैक्सीन लगवाने के बाद तमाम लोगों ने यह भ्रम पाल लिया कि अब उन्हें मास्क लगाने की जरूरत नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि अभी भी जागरूकता की जरूरत है। लोगों को मास्क पहनने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना चाहिए। सफाई भी पूर्व की तरह होनी चाहिए। साबुन से बार-बार हाथ धोना जारी रखना होगा।