-मानव सेवा से बढकर कुछ नही, व्यापारी वर्ग हर सहायता के लिए तैयार
गाजियाबाद। व्यापारी एकता समिति इंदिरापुरम ने जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर कुछ महत्वपूर्ण स्थलों में अस्थाई कोविड अस्पताल स्थापित करने की अपील की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। व्यापारी एकता समिति इंदिरापुरम के संयोजक प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि गाजियाबाद में कोरोना संक्रमण दिन-दूनी रात चौगुनी गति से बढ़ रहा है। ऐसे में बेसिक सुविधाओं का अभाव बढ़ता जा रहा है। इस प्रकार की आपात स्थिति में मानसरोवर यात्रा धाम, हज हाउस, इंजीनियरिंग कॉलेज तथा अन्य प्रकार के स्कूल-कॉलेज तथा इंस्टिट्यूट आदि की बिल्डिंग को तुरंत प्रभाव से अस्थाई कोविड अस्पताल का रूप देकर इस्तेमाल में लाया जाना चाहिए। इसके अलावा जिस प्रकार गुरुद्वारों में पूरी तरह से सेवक कर्मी मानव सेवा में लगे हैं, अगर मंदिर, मस्जिद और चर्च भी ऐसे समय पर मानव सेवा के लिए प्रयोग नहीं हो पा रहे हैं, तब उनको किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि व्यापारी वर्ग हमेशा शासन-प्रशासन के साथ है। व्यापारी वर्ग ने पहले भी मानव सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। आज भी हम निर्बल और असहाय लोगों के साथ खड़े हैं। व्यापारी नेता का कहना है कि लॉकडाउन इस समस्या का हल नहीं है, क्योंकि उससे बेरोजगारी और पलायन बढ़ेगा। अगर फिर भी लॉकडाउन लगाना पड़ता है तब मजदूरों का पलायन पहले की तरह नहीं होना चाहिए। उन्हें इंडस्ट्री में या फैक्ट्री में जहां भी काम करते हैं, खान-पीने की समुचित व्यवस्था हो, जिसमें व्यापारी वर्ग और सरकार का सहयोग जरूरी है। ऐसे कठिन समय का बिजली का बिल तथा अन्य प्रकार के संबंधित टैक्स में कटौती की जानी चाहिए ताकि हम लोग उन मजदूरों को खाने-पीने की व्यवस्था करें। हम पर भी अतिरिक्त भार ना हो और सरकार पर भी। हमें मिलकर ही समस्या से लडऩा होगा ताकि देश की अर्थव्यवस्था चलती रहे।
















