-होम कम्पोस्टिंग को लेकर गाजियाबाद नगर निगम के अभियान की हुई शुरूआत
-वंसुधरा में आयोजित कार्यशाला में मेयर और म्युनिसिपल कमिश्नर ने बताए होम कम्पोस्टिंग की फायदें
गाजियाबाद। शहर में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम ने होम कंपोस्टिंग की शुरूआत की है। होम कंपोस्टिंग पर नागरिकों को जागरूक करने हेतु शुक्रवार को वसुंधरा में कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान नागरिकों को कंपोस्टिंग बिन भी वितरित किए गए।
स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के अंतर्गत आदर्श पार्क वसुंधरा में होम कंपोस्टिंग को हर वार्ड हर घर मे शुरू करने एवं जन-जागरूकता के लिए मेयर आशा शर्मा एवं म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में वसुंधरा जोन के पार्षदों एवं उनके वार्ड के प्रबुद्ध नागरिकों को लगभग 2000 कंपोस्टिंग बिन वितरित किए गए।
कार्यक्रम में 550 बिन बांटे गए। जिसकी मदद से शहर में प्रत्येक व्यक्ति अपने घर की रसोई में यह बिन रखकर रसोई के वेस्ट कचरे जैसे सब्जी/फल के छिलके या अन्य वस्तुओं को इस बिन में डालकर उस पर कंपोस्ट कल्चर को पानी मे मिलाकर छिड़काव किया जाता है।
उस दवा के छिड़काव से कूड़े में बदबू नहीं आएगी और उसमे बचे सूखे कूड़े का खाद बन जाएगा। गीले पानी का दोबारा से कंपोस्ट कल्चर बन जाएगा और री-यूज हो सकेगा। इस प्रणाली से घर का कूड़ा कंपोस्ट के जरिए खाद बनकर घर के पौधों में प्रयोग हो जाएगा।
घरों से निकलने वाले कूड़े की मात्रा शून्य के बराबर हो जाएगी। इस दौरान मेयर एवं म्युनिसिपल कमिश्नर ने बताया की गाजियाबाद शहर में 1500 मीट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है, जिसे कम करने के लिए कूड़े को सेग्रिगेट किया गया। अब शहर के सभी घरों में कूड़ा कंपोस्ट करना बेहद आवश्यक है। अगर होम कंपोस्टिंग में शहरवासियों का पूर्ण सहयोग मिलेगा तो बहुत जल्द घरों से निकलने वाले कूड़े की मात्रा कम हो जाएगी।
इसलिए शहर की जनता से अपील भी है कि घरों में कूड़ा कंपोस्ट करें और कंपोस्टिंग में कोई भी समस्या आए तो नगर निगम को बताएं। नगर निगम की टीम आपके घर कंपोस्ट के लिए भेजी जाएगी। कार्यक्रम में पार्षद महेंद्र चौधरी, मंजू त्यागी, पूनम त्यागी, आशा भाटी, मधु सिंह, शिवानी सोलंकी, नीलम भारद्वाज, मंजुला गुप्ता, मनोज गोयल, एस.के. माहेश्वरी, श्रीभगवान अग्रवाल, अभिनव जैन, लेखाधिकारी अरुण मिश्रा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार व उद्यान अधिकारी अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
















