स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन से बदलेगी गाजियाबाद की तस्वीर, कचरा पृथक्करण बना शहर की नई पहचान

-हर घर कचरा पृथक्करण अपनाए, तभी बनेगा स्वच्छ गाजियाबाद: विक्रमादित्य सिंह मलिक
-पांचों जोन में आधुनिक व्यवस्था से कचरा निस्तारण को मिली रफ्तार
-हर घर दो डस्टबिन का अभियान तेज, नगर आयुक्त ने टीम को किया मोटिवेट
-जनभागीदारी से स्वच्छता मिशन मजबूत, सामाजिक संस्थाएं और पार्षद भी बने भागीदार

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में गाजियाबाद नगर निगम लगातार ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत कर रहा है। नगर निगम द्वारा शहर के पांचों जोन में स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशनों का संचालन करते हुए कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है। बुधवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ विशेष बैठक कर कचरा पृथक्करण अभियान की समीक्षा की तथा टीम को जनजागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, सभी जोन के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, स्वच्छ भारत मिशन टीम तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने कहा कि शहर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की आदत अब धीरे-धीरे लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनती जा रही है, जो स्वच्छ गाजियाबाद की दिशा में सकारात्मक संकेत है। नगर निगम द्वारा घर-घर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

प्रत्येक परिवार को दो अलग डस्टबिन रखने-एक गीले कचरे और दूसरा सूखे कचरे के लिए-प्रोत्साहित किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सफाई मित्रों के सहयोग से प्रत्येक वार्ड में जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा पार्षदों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया कि शहर से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विभिन्न जोनों में स्थापित आधुनिक प्लांट और गार्बेज फैक्ट्री निरंतर कार्य कर रही हैं। सिटी जोन में सहानी और रेट मंडी गार्बेज फैक्ट्री के माध्यम से कचरा पृथक्करण किया जा रहा है। विजयनगर जोन के अंतर्गत अकबरपुर बहरामपुर ट्रांसफर स्टेशन, मोहन नगर जोन में राजेंद्र नगर ट्रांसफर स्टेशन, कविनगर जोन में गोविंदपुरम स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन तथा वसुंधरा जोन में साहिबाबाद स्थित गार्बेज फैक्ट्री के माध्यम से गीले और सूखे कचरे को अलग करने की आधुनिक व्यवस्था लागू है।

बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनसहभागिता से ही स्थायी सफलता संभव है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं और स्वच्छ भारत मिशन टीम को अभियान में और गति लाने के निर्देश दिए। रेग पिकर्स द्वारा कचरा पृथक्करण में दिए जा रहे सहयोग की भी सराहना की गई। नगर आयुक्त ने बताया कि शहर की कई हाईराइज सोसायटियां पहले से ही गीला और सूखा कचरा अलग करके नगर निगम को सौंप रही हैं, जो अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने अपील की कि आंतरिक वार्डों और कॉलोनियों में भी प्रत्येक घर कचरा पृथक्करण को अपनी आदत बनाए, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण आसान हो सके और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।

नगर निगम द्वारा स्वच्छता कर्मियों और संबंधित टीमों को नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सके। नगर आयुक्त ने आवश्यकता के अनुसार भविष्य में अतिरिक्त स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन स्थापित करने की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। नगर निगम का लक्ष्य गाजियाबाद को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी शहर बनाना है। कचरा पृथक्करण को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में चल रहा यह अभियान शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।